स्थानीय कॉलेज में उत्तरपुस्तिका जमा करने पहुंचे हजारों , छांव और पानी के लिए तरसे छात्र, जनभागीदारी समिति और महाविद्यालय प्रंबधन टेंट की नही कर पाई व्यवस्था

रामकुमार नायक,सरायपाली(काकाखबरीलाल)।पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय की ऑनलाइन/ब्लेंडेडमोड में परीक्षा
आज से शुरू हो चुकी है परीक्षा के दिन ही दोपहर 3 बजे तक परीक्षा केंद्रों में उत्तरपुस्तिका जमा करना है. कॉलेजों ने परीक्षार्थियों से उत्तर लिखने की समय-सीमा खत्म होने के बाद जल्द से जल्द उत्तरपुस्तिका जमा करने का आग्रह किया है ताकि अंतिम समय में भीड़ न उमड़े.
लेकिन स्व. राजा वीरेंद्र बहादुर सिंह शासकीय महाविद्यालय सरायपाली में उत्तरपुस्तिका जमा करने आने वाले हजारों विद्यार्थियों के लिए टेंट और पीने का पानी तक कि व्यवस्था नही किया गया था,
मिली जानकारी के अनुसार महाविद्यालय के जनभागीदारी समिति के द्वारा छात्रों से एडमिशन लेने के समय 500 रु. प्रति विद्यार्थी से लिया जाता है, और इसका उपयोग छात्रों को सुविधा मुहैया कराने में उपयोग होना होता है, लेकिन जनभागीदारी समिति और महाविद्यालय प्रबंधन के द्वारा उक्त राशि का उपयोग विद्यार्थियों के लिए कोई व्यवस्था नही किया जा रहा है, लिहाजा प्रबंधन के कार्यशैली पर लगातार सवालिया निशान लग रहा है,
विद्यार्थियों अपने आप को ठगा महसूस कर जनभागीदारी समिति और महाविद्यालय प्रबंधन पर राशि सेंध लगाने के आरोप लगा रहे हैं,
छात्र नेता अविनाश सिंह ने बताया कि शासकीय महाविद्यालय सरायपाली में आसपास के कई गांव के विद्यार्थी हजारों के तादाद में पढ़ते हैं और आज उत्तर पुस्तिका जमा करने दूर दूर से गांव से महाविद्यालय आये थे लेकिन महाविद्यालय प्रबंधन और जनभागीदारी समिति द्वारा उनके लिए किसी भी प्रकार के छांव और पानी की व्यवस्था न कर पाने से विद्यार्थियों को बहुत ज्यादा तकलीफ उठाना पड़ा, बरहाल छात्रों में भी जनभागीदारी समिति और महाविद्यालय प्रबंधन पर आक्रोश व्याप्त है.
गर्मी से तपने छात्र मजबूर
छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है. सीजन में पहली बार पारा 44 डिग्री के पार चला गया है. महासमुंद से पूरे प्रदेश में सर्वाधिक तापमान दर्ज किया गया है. ऐसे स्थिति में स्व राजा बीरेंद्र बहादुर सिंह शासकीय महाविद्यालय में टेंट की व्यवस्था न कर उत्तरपुस्तिका जमा करने आने वाले छात्रों को चिलचिलाती धूप में तपने छोड़ दिया जा रहा है,
बड़ी संख्या में महिलाएं भी परीक्षा में शामिल
ज्ञात हो कि महाविद्यालय में परीक्षा देने बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हो रही हैं और कई महिलाएं ऐसी हैं जो उत्तर पुस्तिका जमा करने के लिए अपने छोटे-छोटे बच्चों को लेकर महाविद्यालय पहुंच रही हैं, लेकिन महाविद्यालय प्रबंधन के द्वारा छांव की समुचित व्यवस्था नहीं कर पाने के कारण छोटे बच्चे लू के चपेट में आ सकते हैं, जिसकी जिम्मेदारी जनभागीदारी समिति और महाविद्यालय प्रबंधन की होगी.


























