छत्तीसगढ़

अधिकारी को ग्रामीणों ने बंधक बना लिया…. यह थी वजह

मरवाही क्षेत्र के भर्रीडांड स्थित आदिवासी कन्या छात्रावास में चावल नहीं होने के कारण 30 छात्राएं दो दिनों तक भूखी रहीं। सोमवार को अधीक्षक छुट्टी से लौटीं तो बाहर से नाश्ता मंगाया। शाम को मामले की जांच के लिए पहुंचे परियोजना अधिकारी को नाराज ग्रामीणों ने बंधक बना लिया। इस पर प्रसाशनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और उन्हें मुक्त कराया। देर रात तक प्रशासनिक अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं।

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के मरवाही विकास खंड स्थित भर्रीडांड में आदिवासी विकास विभाग द्वारा कन्या छात्रावास का संचालन किया जाता है। वर्तमान में छात्रावास में 30 छात्राएं रह रही हैं। छात्रावास की अधीक्षक सोफिया बानो अक्टूबर से मातृत्व अवकाश पर थीं। उनकी जगह पर अघनियां पंडा अधीक्षक का प्रभार संभाल रही थीं। दो दिन पहले छात्रावास में चावल खत्म हो गया। परीक्षा होने के कारण छात्राएं अपने घर भी नहीं जा पा रही थीं। उन्होंने दो दिनों तक किसी तरह गुजारा किया। सोमवार को छात्रावास अधीक्षक सोफिया बानो अवकाश से लौटीं। छात्राओं ने उन्हें दो दिनों से भोजन नहीं बनने की जानकारी दी। तब अधीक्षक ने बाहर से नाश्ता मंगाकर छात्राओं को खिलाया।

इसके बाद उन्होंने जनपद उपाध्यक्ष अजय राय से संपर्क कर छात्राओं के लिए राशन की व्यवस्था करने कहा। जनपद उपाध्यक्ष ने राशन की व्यवस्था की। साथ ही मामले की जानकारी आदिवासी विभाग के अधिकारियों को दी। इस पर परियोजना अधिकारी केएन मिश्रा छात्रावास पहुंचे। छात्राओं के भूखे होने की जानकारी होने पर गांव वालों ने छात्रावास के बाहर हंगामा शुरू कर दिया। इस पर परियोजना अधिकारी अंदर ही फंस गए। घटना की जानकारी होने पर एसडीएम सर्वेश्वरी बाघे मौके पर पहुंची। उन्होंने ग्रामीणों को समझाइश देकर परियोजना अधिकारी को बाहर निकाला। वे मामले की जांच कर रही हैं। देर रात तक एसडीएम छात्रावास में ही मौजूद रहीं।

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छत्तरसिंग पटेल

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