छत्तीसगढ़

पिथौरा : तहसीलदार के स्थगन आदेश का उल्लघन… ग्रामीणों ने अवैध निर्माण तोड़ा

ग्राम पंचायत परसापाली के आश्रित ग्राम पोटापारा में किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा तहसीलदार के स्थगन का उल्लघन के बाद भी काम्प्लेक्स निर्माण बंद नहीं करने से गुस्साए पोटापारा के 800 से अधिक ग्रामीणों ने स्वयं ही अवैध निर्माण को तोड़ दिया। कोई 2 घण्टे तक चले नाटकीय घटनाक्रम के बाद भी क्षेत्र के कोई भी प्रशासनिक अधिकारी एवम पुलिस बल नहीं पहुंचा, परन्तु जिला पंचायत अध्यक्ष उषा पटेल महासमुन्द जाते देख ग्रामीणों को शांत करवा कर वहां पंचायत के लिए शॉपिंग काम्प्लेक्स बनवाने की घोषणा कर दी जिससे ग्रामीणों का गुस्सा शांत हुआ।

ग्राम पोटापारा के ग्रामीणों ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे पोटापरा ग्राम की सरकारी भूमि पर पूर्व में मुढ़ीपार निवासी जमुना बाई के नाम से कुछ अज्ञात लोग कब्जा कर शॉपिंग काम्प्लेक्स बना रहे थे। जिसकी शिकायत स्थानीय विधायक सहित राजस्व विभाग के अधिकारियों से की गई थी।जिस पर तहसीलदार द्वारा स्थगन आदेश 25 फरवरी 2022 को दिया गया। स्थगन आदेश के विपरीत जमुना पति आमिकराम, जाति-गांड़ा ग्राम- मुढ़ीपार द्वारा यह निर्माण कार्य किया जा रहा और कानून कि धज्जियां उड़ाई जा रही थी, इसलिए हम ग्राम पोटापारा, ग्रा.पं. परसापाली के समस्त ग्रामवासियों पंच सरपंच जनप्रतिनीधि स्थगन आदेश के विरोध करने के कारण हम लोग जो निर्माण उनके द्वारा किया जा रहा है इसे तोडऩा चाहते हैं, आप हमें अपने ही आदेश की होते उल्लंघन को रोकने के लिए पुलिस बल प्रदान करें ताकि हम इस निर्माण कार्य को रोक तोड़ सके, अगर पुलिस बल उपलब्ध नहीं करायेंगे तो पुरे ग्रामवासी हम लोग महिला पुरुष उसको तोड़ देंगे। इसकी जवाबदारी पुरे प्रशासन की होगी जो अपने ही आदेश का पालन नहीं करा पा रही है।

ग्रामीणों के अनुसार प्रशासन को इस पूरे मामले की जानकारी देने के बाद भी प्रशासन पूरी तरह मौन रहा लिहाजा कल शनिवार और आज रविवार अवकाश का फायदा उठाते हुए सरकारी जमीन पर भवन काम्प्लेक्स का निर्माण प्रारम्भ करने एवम प्रशासन की उदासीनता से गुस्साए ग्रामीण महिला बच्चों सहित कोई 800 की संख्या में निर्माण स्थल पहुच गए।ग्रामीण अत्यधिक गुस्से में थे लिहाजा उन्होंने अज्ञात लोगों द्वारा बनाया गया एक कक्ष भी तोड़ कर धराशायी कर दिया एवम बीम कॉलम को हटाने के लिए 2 दिन का समय प्रशासन को दिया है।

ग्रामीण रंनसाय ठाकुर , मनीकुमार पटेल, दाऊलाल साहू,माखन ठाकुर , कमलेश्वरी साहू,एवम हेमकुमारी ने इस प्रतिनिधि को बताया कि उक्त सरकारी जमीन पर जमुना बाई व्यवसायिक परिसर बनाने में सक्षम नही है।उनके नाम से क्षेत्र के भू माफिया कब्जा कर जमीन हड़पना चाहते है।इसलिए पूरे मामले के पीछे जिसका भी हाथ हो उस पर ग्रामीण प्रशासन से कार्यवाही की मांग करेंगे।

व्यवसायिक परिसर 15 लाख स्वीकृत
इधर अपने महासमुन्द दौरे पर निकली जिला पंचायत अध्यक्ष उषा पटेल ने पोटापारा के पास ग्रामीणों की भीड़ देख कर उनसे चर्चा की।चर्चा के बाद उन्होंने भी अज्ञात लोगों का सरकारी भूमि पर कब्जे को गलत बताते हुए पंचायतों में व्यवसयोक परिसर बनाने की योजना के तहत मौके पर राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे की उक्त जमीन पर व्यवसायिक काम्प्लेक्स बनाने के लिए 15 लाख रुपये स्वीकृत करने की घोषणा कर ग्रामीणों के गुस्से को शांत करवाया। बहरहाल क्षेत्र की बची शासकीय भूमि पर अभी भी भू माफियाओं की नजर है जिससे अब स्पस्ट हो गया है कि भविष्य में सरकारी कार्य के लिए भी भूमि मिलना काफी दुष्कर कार्य हो जाएगा।

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छत्तरसिंग पटेल

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