
काकाखबरीलाल दन्तेवाड़ा : शिवसेना के फ़ायरब्रांड नेता डॉ. अरुण कुमार पाण्डेय ने दंतेवाड़ा कलेक्टर सौरभ कुमार द्वारा भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिए जाने का आरोप लगाया है।
उन्होंने जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया हैकि जिस DMF योजना को स्थानीय जनता की भलाई के लिए चालू किया गया था उसे राज्य के मुख्यमंत्री के बांकुरों ने लूट का जरिया बना लिया है।
जिस योजना को प्रधानमंत्री जी द्वारा रेडियो कार्यक्रम मन की बात में 56″ का सीना ठोककर जनहितैषी कहा जा चुका है धरातल मे वो एक भ्रष्टाचार का अड्डा बना हुआ है।
डॉ. पाण्डेय ने जारी प्रेसविज्ञप्ति में बताया हैकि दंतेवाड़ा क्षेत्र में महिलाओं द्वारा ई-रिक्शा के संचालन हेतु विगत 05/12/2017 को दंतेवाड़ा कलेक्टर द्वारा ई-रिक्शा का टेंडर बुलाया गया और निविदा की नियमावली को दरकिनार करते हुए कलेक्टर ने अपने चहेते ठेकेदार को जो कि निविदा प्रक्रिया में L-5 था उसको लगभग 1,04,000/- रुपये ज्यादा कीमत में प्रति ई-रिक्शा आपूर्ति करने का कार्यादेश जारी कर दिया जो कि निविदा के नियम के खिलाफ है।ज्ञात हो कि L-1 हुई कंपनी ने मात्र 1,95,000/- मे प्रति ई-रिक्शा प्रस्तावित की थी और दंतेवाड़ा कलेक्टर ने 2,99,000/- प्रति ई-रिक्शा का कार्यादेश जारी कर दिया था , लेकिन रमन राज में कोई इस बात की सुध लेने वाला कोई नही है।
जनता के पैसों का बंदरबांट होता रहता है और स्थानीय कलेक्टर नियमो की धज्जियाँ उड़ाते हुए भ्रष्टाचार कर रहे है।
अवगत होकि इसी अनियमितता का माननीय उच्च न्यायलय मे कलेक्टर के विरुद्ध प्रकरण दायर किया गया था जिसकी पैरवी उच्च न्यायलय के वकील केशव गुप्ता द्ववारा कंपनी के लिए किया गया।
माननीय मुख्य न्यायधीश ने इस प्रक्रिया में भारी अनियमितता पाई और दंतेवाड़ा कलेक्टर को इसमे संदिग्ध मानते हुए तत्काल प्रभाव से दंतेवाड़ा कलेक्टर द्वारा जारी किए गए आदेश पे रोक लगा दी।




























