15+ के बाद अब 12+ के बच्चों को लगेगा कोरोना वैक्सीन

12 से 15 साल के छात्र-छात्राओं को स्कूल में टीका लगाने को लेकर तैयारी दुर्ग जिले में शुरू कर दी गई है। शिक्षा विभाग लिस्ट भी तैयार कर रहा है। इसी माह 12 साल की उम्र में कदम रखने वाले बच्चों का नाम भी लिस्ट में शामिल किया जा रहा है। कोरोना के बढ़ते मामले की वजह से स्कूल अभी बंद है ऐसे में बच्चों को बुलाकर सोशल डिस्टेंस के बीच टीका लगाया जा सकता है। 12 से 15 साल के निजी और सरकारी स्कूल में पढ़ रहे करीब 45 हजार से अधिक बच्चों को टीका लगाया जाएगा। जिस तरह 15 से 18 साल के 1.32 लाख बच्चों को टीका लगाने के लिए योजना बनाई गई थी। वैसे ही इसके लिए भी तैयारी है। स्वास्थ्य विभाग के पास टीम पहले से मौजूद है। स्कूल तय करने के बाद टीका लगाने का काम शुरू कर दिया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग उम्मीद कर रहा है कि फरवरी 2022 में 12 से 15 साल के बच्चों को टीका लगाना शुरू कर दिया जाएगा। पहला डोज माह के दूसरे या तीसरे सप्ताह से लगाया जा सकता है। स्वास्थ्य विभाग की टीम 15 से 18 साल के बच्चों को जिस तरह से टीका लगाने टारगेट लेकर चली थी वैसे ही इसके लिए तैयारी में जुट गई है।
15 से 18 साल के बच्चों को पहला डोज लगे अब 28 दिन पूरा होने जा रहा है। ऐसे में उनको फरवरी के पहले सप्ताह में वैक्सीन का दूसरा डोज लगाया जाना है। इसकी तैयारी भी कर ली गई है। बच्चों को स्कूल से मैसेज किया जा रहा है। वहीं कई पालक वैक्सीनेशन सेंटर में सीधे लाकर टीका लगवा रहे हैं। जिससे स्कूल की भीड़ और देरी से बचा जा सके।
दुर्ग जिला में निकुम, पाटन, धमधा ब्लॉक स्तर पर बच्चों को स्कूल में वैक्सीन लगाने की तैयारी की जा रही है। इसी तरह से शहरी क्षेत्र में दुर्ग, भिलाई, रिसाली, चरोदा के लिए जिम्मेदारों को बैठक में तैयार रहने कहा गया है। विभाग के प्रभारियों ने टीम को फिर एक बार तैयार हो जाने के लिए कहा है, जिससे यह टॉस्क भी समय पर पूरा किया जा सके।
चालीस हजार से अधिक हैं 12 से 15 साल के बच्चे
प्रवास सिंह बघेल, जिला शिक्षा अधिकारी, दुर्ग ने बताया कि निजी और सरकारी स्कूलों में 12 से 15 साल के बच्चे 40 हजार से अधिक हैं। 15 से 18 साल के 1.32 लाख बच्चे सरकारी और निजी स्कूलों में पढ़ते हैं। उनका टीकाकरण पहले ही शुरू हो चुका है।
























