
कौंआझर में जागरुकता सह प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन कर किसानों को दी गई समन्वित कृषि के संबंध में जानकारी
महासमुंद। 02 जून 2018/ भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना किसान कल्याण अभियान के अंतर्गत जागरुकता सह प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन ग्राम कौआझर में कृषि विज्ञान केन्द्र एवं कृषि जैव प्रौद्योगिकी विभाग, महासमुंद द्वारा 1 जून 2018 को कर कृषक कल्याण अभियान का शुभांरभ किया गया। इस कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक श्री कुणाल चन्द्राकर, कृषि एवं जैव प्रौद्योगिकी विभाग के सहायक संचालक श्री अमित मोहंती, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री बी. आर. घोड़ेसवार, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी श्री सूर्यकांत, श्री सुनील वर्मा उपस्थित थे।
कार्यक्रम के तकनीकी सत्र में कृषि विज्ञान केन्द्र एवं कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा मृदा स्वास्थ्य परीक्षण, समन्वित पोषक तत्व प्रबंधन, उवर्रक प्रबंधन, मशरुम उत्पादन, केंचुआ खाद उत्पादन, समन्वित कृषि के संबंध में कृषकों को जानकारी प्रदान की गई। विदित हो कि भारत सरकार द्वारा भारत वर्ष के 111 महत्वाकांक्षी जिलों का चयन कृषक कल्याण अभियान के लिए किया गया है, जिसमें महासमुंद जिले को भी सम्मिलित किया गया है। कार्यक्रम की समयावधि 1 जून से 31 जुलाई 2018 के बीच रखी गई है। जिसमें जिले के सभी ब्लाकों से शासन द्वारा चयनित किए गए 25 ग्रामों में कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर कृषि की उच्च तकनीक के बारे में जानकारी देना है। जिसमें कृषि विज्ञान केन्द्र महासमुंद, कृषि एवं जैव प्रौद्योगिकी विभाग, उद्यानिकी विभाग, पशुधन विकास विभाग एवं मत्स्य विभाग के विशेषज्ञों द्वारा कृषकों को कृषि संबंधी तकनीकी जानकारी प्रदान की जाएगी। इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य उद्देश्य कृषि आय को दोगुना कर कृषकों को अधिक से अधिक लाभ पहुंचाना है एवं कृषकों को कृषि की उच्च तकनीक से अवगत कराना है। जिससे उत्पादन लागत में कमी लाकर उत्पादन को बढ़ाया जा सके। प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्य रुप से मशरुम उत्पादन, मधुमक्खी पालन, केंचुआ खाद उत्पादन, किचन गार्डन, वेस्ट डिकम्पोजर, संरक्षित कृषि, जैविक खेती, कृषि सिंचाई, फसल अवशेष प्रबंधन, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, फसल बीमा, पोषण वाटिका, समन्वित पोषक तत्व प्रबंधन, उच्च तकनीकी उद्यानिकी, फलोत्पादन, नर्सरी प्रबंधन, पशुधन प्रबंधन, पशुधन टीकाकरण, उन्नत मत्स्य पालन एवं कृषि संबंधित अन्य विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा तथा उद्यानिकी विभाग द्वारा पौध वितरण का कार्यक्रम भी किया जाएगा। साथ ही साथ इन 25 ग्रामों से 2-2 कृषकों का चयन कर कुल 50 कृषकों का 3 दिवसीय प्रक्षिक्षण कार्यक्रम कृषि विज्ञान केन्द्र, भलेसर में 19 से 21 जून 2018 तक किया जाएगा।



























