राज्य सरकार के खिलाफ जिला पंचायत सदस्य हेमकुमारी नायक व भाजपा पिछड़ा वर्ग जिला उपाध्यक्ष प्रेमलाल नायक ने दिया धरना

महासमुंद(काकाखबरीलाल)। जिला पंचायत सदस्य क्षेत्र क्रमांक 10 के हेमकुमारी प्रेमलाल नायक और प्रेमलाल नायक जिला उपाध्यक्ष भाजपा पिछला वर्ग मोर्चा व सरपंच रजपालपुर ने कोरोना के खिलाफ लड़ाई में विफल प्रदेश की भूपेश सरकार के खिलाफ विरोध में कोरोना नियम का पालन करते हुए अपने घर में एक दिवसीय धरना पर बैठे , और राज्यपाल के नाम ज्ञापन भेजा, पत्र में लिखा कि इस ज्ञापन के माध्यम से आपसे निवेदन कर रहे हैं कि छ.ग.सरकार के अकर्मण्यता, असंवेदनशीलता, अमानवीय बर्ताव,गैर जिम्मेदाराना कार्य,भ्रष्टाचार के परिणामस्वरूप प्रदेश में कोरोना का स्ट्राइक रेट देश में सबसे ज्यादा है। लाखों लोग संक्रमित हो गए हैं, हजारों लोग मौत के मुंह में समां गए हैं और छत्तीसगढ़ सरकार अगंभीर है।अस्पतालों में पर्याप्त बेड नहीं है,आक्सीजन नहीं है,जीवन रक्षक दवाई नहीं है,दवाइयों का कालाबाजारी हो रही है, डाक्टरों के लिए पीपी किट नहीं है, डाक्टरों को हड़ताल में जाना पड़ रहा है।आए दिन लोग कोरोना के चपेट में भयावह त्रासदी झेल रहे हैं और छ.ग.सरकार राजनीति करने में व्यस्त है। मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के आपसी झगड़े ने प्रदेश को महामारी के गहरी खाई में ढकेल दिया है। महामारी जैसे संवेदनशील मामले में भी मुख्यमंत्री अपनी पार्टी के गुटीय लड़ाई में सह-मात की खेल खेल रहे हैं। चूंकि स्वास्थ्य मंत्री ने ढाई साल में मुख्यमंत्री बदलने की बात छेड़ दी है इसलिए मुख्यमंत्री स्वास्थ्य मंत्री को औकात बताने के चक्कर में जानबूझकर कोविड-19 से निपटने के लिए गंभीर नहीं है ऐसा उनके गतिविधियों से प्रतीत हो रहा है।
जैसे क्रिकेट के लिए गांव-गांव में पास बांटकर छ.ग.के लोगों को अन्य प्रांतों से आए लोगों के साथ स्टेडियम में बिठाना,कोविड की रोकथाम के लिए प्रधानमंत्री द्वारा बुलाए गए बैठक में उपस्थित रहने के बजाय असम में चुनाव प्रचार करना, स्वास्थ्य मंत्री के साथ महामारी पर कोई समीक्षा बैठक नहीं करना यह दर्शाता है कि मुख्यमंत्री कुर्सी के खींचतान के परिणामस्वरूप मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री दोनों एक-दूसरे को नीचा दिखाने के लिए दांव-पेंच खेल रहे हैं।
इन समस्त बिंदुओं को देखते हुए महामहिम राज्यपाल महोदया जी से निवेदन है कि मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री को निर्देशित करें की आपसी कुर्सी लड़ाई के कारण प्रदेश को मौत के मुंह में ना ढकेले और कोविड-19 जैसे महामारी से निपटने के लिए गंभीरता पूर्वक ठोस कदम उठाएं।




























