ग्रामीण डाक सेवक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर,कई जरूरी सेवाएं हो रही हैं प्रभावित

काकाख़बरीलाल,सरायपाली:-ग्रामीण डाकसेवकों के हड़ताल की वजह से डाक विभाग की कई जरूरी सेवाऐं इन दिनों प्रभावित हो रही हैं. विगत 18 दिसम्बर से डाक सेवक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं. ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचने वाले कई आवश्यक डाक सामग्री नही पहुंच पा रहा है. यहां पर कुल 7 डाक सेवक हड़ताल में गए हुए हैं. राज्य कर्मचारियों की हड़ताल के बाद अब केन्द्रीय संस्थाओं के अधीन कार्यालयों के कर्मचारी हड़ताल पर हैं. आज शुक्रवार को बैंक के कर्मचारी भी हड़ताल पर चले जाने से शहर के सभी राष्ट्रीयकृत बैंक बंद रहे. सरायपाली डाकघर के अंतर्गत कुल 28 ब्रांच पोस्ट आॅफिस ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित हैं. जिनमें से सिंघोड़ा, चट्टीगिरोला, तोरेसिंहा, पण्डरीपानी, गेर्रा, बलौदा, लंबर के डाक सेवक इन दिनों हड़ताल पर चले गए हैं.
ग्रामीण डाक सेवक हड़ताल में चले जाने के कारण कई जरूरी सेवाओं से लोगों को वंचित होना पड़ रहा है. डाकघर सेजीवन बीमा निगम, बीमा क्लेम, बैंक, एटीएम कार्ड, सूचना अधिकार की जानकारी, नौकरियों के लिए स्पीड पोस्ट, परीक्षाओं के प्रवेश पत्र, आॅनलाईन खरीदी आदि कई योजनाओं के डाक लोगों तक पहुंचाना पड़ता है. ये सभी सेवाऐं 18 दिसम्बर से ठप्प है. कई जरूरी सेवाऐं तो ऐसे हैं जिसमें नौकरी संबंधित नियुक्ति आदेश, परीक्षाओं के प्रवेश पत्र समय में नही पहुंचा है तो वह व्यक्ति हमेशा के लिए इस लाभ से वंचित हो सकता है. आजकल पोस्ट आॅफिस का उपयोग भी बैंक की तरह हो रहा है जिससे उपभोक्ताओं को प्रतिदिन डाकघरों से पैसे निकालने जमा करने हेतु पहुंचते हैं, हड़ताल होने की वजह से ऐसे ग्राहक भी परेशान नजर आ रहे हैं. वहीं आॅनलाईन खरीदी ने डाक विभाग का काम बढ़ गया है.
*इस मांग को लेकर हड़ताल में है कर्मचारी*
ग्रामीण डाक सेवकों के 7 मांगो में जीडीएस कमेटी की रिपोर्ट 1 जनवरी 2016 से लागू करने, बकाया राशि की गणना का फॉर्मूला बदलने, ग्रेच्यूटी की ऊपरी सीमा डेढ़ लाख से 5 लाख रूपए में परिवर्तन किया जाए, जीआईएस की सीमा 500 रूपए अंशदान के साथ बढ़ाकर 5 लाख रूपए की जाए. एसडीबीएस अंशदान के लिए जीडीएस के टीआरसीए के 10 प्रतिशत की वसूली की जाए तथा इतना हिस्सा सरकार को भी देना चाहिए. 12, 24 और 36 वर्ष के सेवाकाल के साथ वार्षिक वेतन वृद्धि देने, सीमित स्थानांतरण की सुविधा में छूट देने, जीडीएस को एक साल में 30 दिन का सवेतन अवकाश देने, बचे हुए अवकाश को अगले साल में
जोड़ने, 180 दिन होने पर तथा छुट्टियों के नगद भुगतान की सुविधा दी जाए. प्रति बच्चों के लिए शिक्षा भत्ता 6 हजार रूपए , शाखा डाकपाल के कम्पोजिट भत्ते को 500 से बढ़ाकर 1600 रूपए किया जाए. इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक में काम के लिए प्रोत्साहन राशि व्यवस्था समाप्त होनी चाहिए. एकल कर्मचारी डाकघरों को एक और कर्मचारी देकर कार्यालय को अपग्रेड किया जाए. शाखा डाकघरों और जीडीएस को 8 घण्टे का काम दिया जाए. समस्त जीडीएस कर्मचारियों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए.



























