महासमुंद

बहुविकलांग बच्चों के रहने के लिए रैन बसेरा को पुनः प्रारंभ करने की जरूरत..

  • कलेक्टर से मुलाकात के दौरान विधायक ने रखी बात

महासमुंद (काकाखबरीलाल) । बहुविकलांग बच्चों के रहने के लिए बनाए गए रैन बसेरा के बंद होने से बच्चों व उनके अभिभावकों को काफी परेशानियों को सामना करना पड़ रहा है। इस समस्या के मद्देनजर विधायक विनोद सेवनलाल चंद्राकर ने बहुविकलांग बच्चों के रहने के लिए रैन बसेरा को पुनः प्रारंभ करने की जरूरत बताई है। इसके लिए उन्होंने कलेक्टर से मुलाकात के दौरान इस मसले को लेकर आवश्यक कार्रवाई की बात कही है। जिस पर कलेक्टर ने शीघ्र ही उचित पहल करने की बात कही है।
विधायक श्री चंद्राकर ने कलेक्टर को बताया कि जिला मुख्यालय में बहुविकलांग बच्चों के रहने के लिए सर्वसुविधायुक्त रैन बसेरा छात्रावास बना हुआ है, जिसका संचालन भी किया जा रहा था। लेकिन वर्तमान में इसे बंद कर दिया गया है। जिससे परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जिले में बहुविकलांग बच्चे अध्यापन कार्य के लिए महासमुंद में रहकर शिक्षा ग्रहण करते हैं। चूंकि विकलांग होने के कारण किराए के मकानों में पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध नहीं रहती है। परिणाम स्वरूप बहुविकलांग बच्चे अध्ययन करना छोड़ देते हैं, जो समाज के मुख्यधारा से वंचित हो जाते हैं। लिहाजा उन्होंने बहुविकलांग बच्चों के लिए रैन बसेरा निश्रारित निधि से संचालित किए जाने आवश्यक कार्रवाई करने की जरूरत बताई है। जिस पर कलेक्टर ने उचित पहल करने की बात कही।

मूक बधिर विद्यालय प्रांरभ करने की मांग
विधायक श्री चंद्राकर ने जिला मुख्यालय में संचालित मूक बधिर विद्यालय को प्रारंभ करने की मांग भी की। उन्होंने बताया कि राज्य शासन द्वारा मूक बधिर बच्चों के लिए जिला मुख्यालय से लगे खैरा में विद्यालय भवन बनाकर इसका संचालन किया जा रहा था। जिसे कतिपय कारणों से उक्त विद्यालय को बंद कर दिया गया है। जिससे मूक बधिर बच्चे शिक्षा से वंचित हो रहे हैं। सामाजिक व शिक्षा के लिए उक्त विद्यालय को प्रारंभ किया जाना जनहित में आवश्यक है। उन्होंने बच्चों को शिक्षा व समाज के मुख्यधारा में जोड़ने के लिए उक्त विद्यालय प्रारंभ करने जोर दिया है। जिस पर कलेक्टर ने आवश्यक कार्यवाही का आश्वासन दिया है।

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