महासमुंद

महासमुंद : गज गौरव राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित हुए महासमुंद के वनरक्षक दीपक शर्मा एवं गजयात्रा टीम

विश्व हाथी दिवस पर 12 अगस्त को ओड़िशा की राजधानी भुवनेश्वर में देशव्यापी समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह में केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन भारत सरकार के मंत्री श्री भूपेंद्र यादव, केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन राज्यमंत्री श्री अश्विनी कुमार चौबे, वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री ओडिशा श्री प्रदीप कुमार अमत द्वारा सामान्य वनमंडल महासमुंद में पदस्थ वन रक्षक दीपक शर्मा एवं गजयात्रा की टीम को गज गौरव अवार्ड से सम्मानित किया गया।
छत्तीसगढ़ से इस वर्ष यह सम्मान लेने वाले दीपक शर्मा अकेले वन रक्षक हैं। देशव्यापी अवार्ड में महासमुंद जिले से नाम का चयन होना गर्व का विषय है। वनमण्डल अधिकारी पंकज राजपूत ने बताया कि मानव हांथी द्वंद को रोकने के लिए माननीय वन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर सदैव संवेदनशील रहते हैं, एवं उनकी मंशा थी कि वन विभाग एवं ग्रामीणों के मध्य किसी ऐसी कड़ी की आवश्यकता है जो ग्रामीण भाईयो को और अधिक जागरूक कर सके जिस कड़ी का काम गजयात्रा की टीम ने किया है एवं प्रधान मुख्य वन संरक्षक कार्यालय रायपुर का सतत् मार्गदर्शन गजयात्रा की टीम को हमेशा मिलता रहा है, प्रधान मुख्य वन संरक्षक छत्तीसगढ़ श्री व्ही. श्रीनिवास राव सर ने हमेशा गजयात्रा की मुहिम को आगे बढ़ाने एवं मानव हांथी द्वंद को रोकने की वनमण्डल महासमुंद के प्रयासों को बल दिया है।
वनमंत्री की मंशा अनुरूप, प्रधान मुख्य वन संरक्षक के निर्देशन पर गज यात्रा का शुभारंभ 08 अक्टूबर 2021 को किया गया। गज यात्रा के माध्यम से प्रतिदिन 3 चरणों में ग्रामीणों को हाथियों से सुरक्षित रहने के उपायों को बता कर जागरूक किया जा रहा है, अब तक लगभग 70 हजार लोगों को गजयात्रा के माध्यम से जागरूक किया जा चुका है। जिले के हाथी प्रभावित क्षेत्र सिरपुर व हाथी विचरण क्षेत्र मोहन्दी, अरण्ड, बागबाहरा, कोमा, कोना, बकमा, खट्टी, तुमगांव में फिलहाल हाथियों की आमद कुछ कम हुई है। इससे पहले क्षेत्र में हाथी की दस्तक होते ही गांव सुना पड़ जाता था। लोग हाथी को भगाने तरह तरह के उपाय करते थे। आतिशबाजी, मिर्च, मशाल जलाकर हाथियों को भगाया जाता था, और अपनी जान जोखिम में डालते थे, इससे हाथी आक्रामक गये थे। इससे ग्रामीण, हाथी हिंसा के शिकार हो रहे थे। यह सब देखते हुए गज यात्रा कार्यक्रम शुरू की गई।
वनरक्षक दीपक ने टीम के साथ गांव गांव जाकर चौपाल लगाकर प्रोजेक्टर में फिल्म दिखाकर एवं लोगों से चर्चा कर ग्रामीणों को हाथियों के व्यवहार एवं सुरक्षा के उपायों को समझाया है। गज यात्रा की टीम द्वारा ग्रामीणों को उनकी सामान्य भाषा एवं शैली में गीतों और कहानियों के माध्यम से हाथियों के प्रति संवेदनशील बनाने का सफल प्रयास किया है, तथा शासन द्वारा प्रदाय क्षतिपूर्ति का विवरण ग्रामीणों विस्तार से बताया गया एवं हाथी मानव द्वंद को सद्भावनापूर्ण बताया। जिससे हिंसा घटी है, एवं जन घायल, जनहानि की घटनाएं शून्य हुई है।
पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग भारत सरकार द्वारा गज यात्रा के सराहनीय कार्य के लिए दीपक शर्मा एवं टीम को राष्ट्रीय स्तर पर गज गौरव अवार्ड से नवाजा है और एकमात्र महासमुंद वन मंडल अखिल भारतीय गज गौरव अवार्ड के लिये सम्मानित हुआ है।
दीपक शर्मा से बातचीत में उन्होंने बताया की गज गौरव पुरुस्कार प्राप्त होने का पूरा श्रेय वनमंडल अधिकारी श्री पंकज राजपूत को जाता है, उनके मार्गदर्शन में गजयात्रा की पूरी रूपरेखा तैयार की गई एवं विकास चंद्राकर नोडल अधिकारी के नेतृत्व में गजयात्रा सफल हो पाई है, गजयात्रा में मेरे साथ टीम के रूप में कमल नारायण यादव, भूपेंद्र दास, विवेकानंद क्षेत्रपाल, अमित दीवान, रंगवीर टंडन, भुवन साहू ने कदम से कदम मिलाकर गजयात्रा को सफल बनाया है। प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्य प्राणी छत्तीसगढ़ श्री सुधीर अग्रवाल सर भी उक्त देशव्यापी समारोह में शामिल हुए तथा गजयात्रा टीम का उत्साह वर्धन हेतु भुवनेश्वर उड़ीसा में उपस्थित रहे। दीपक शर्मा, कमल नारायण यादव, विवेकानंद क्षेत्रपाल, अमित कुमार दीवान गज गौरव अवार्ड भुवनेश्वर ओड़िसा में प्राप्त किए हैं।

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