बस्तीपाली जंगल में अवैध रूप से लकड़ी काटकर रहे लोगों के विरुद्ध मामला दर्ज

(सरायपाली काकाखबरीलाल).
सरायपाली के सुदूर वनांचल ग्राम बस्तिपाली के जंगलों में प्राकृतिक रूप से उपजे अर्धवृक्ष को समीप के ही एक कांग्रेसी नेता के कहने पर 3 ग्रामीणों द्वारा काटा जा रहा था । वनविभाग के कहे अनुसार यह इमारती लकड़ियां नही है फिर भी यह अपराध की श्रेणी में आता है । तीनो आरोपी फिलहाल फरार है।
इस संबंध में सुदूर वनांचल ग्राम बस्तिपाली जो कि ओडिशा सीमा से लगा हुवा है व सरायपाली विकासखंड का अंतिम ग्राम है में 3 ग्रामीणों द्वारा लकड़ी काटे जाने की जानकारी मिलने पर मीडिया से जुड़े लोग घटनास्थल पर पहुंचे । लकड़ी काट रहे 3 ग्रामीण क्रमशः मंगलदास पिता लबोदास , मेघनाथ पिता तनकु बिंझवार व पांडव पिता सिमरन बिंझवार ने अपने बयान में स्वीकार करते हुवे कहा कि वे यह लकड़ी स्थानीय विधायक के करीबी बलराम के कहने पर काट रहे है इसकी जानकारी जब वनविभाग के रेंजर किशोरी साहू को दिए जाने के बाद वे महासमुन्द प्रवास से वापस सरायपाली आ रहे थे जानकारी मिलने पर वे तुरंत बस्तिपाली गांव स्टाफ के साथ पहुंचकर काटी गई लकड़ियों को जप्ती बनाया गया इस संबंध में रेंजर किशोरी साहू ने बताया कि उनके गांव पहुंचने के पहले ही खबर लगने के डर से तीनों आरोपी फरार हो गए । तीनो को नोटिस भेजा जा रहा है । काटी गई लकड़ियों की संख्या 28 नग है । व यह लकड़ियां कर्रा , सेन्हा व मोयक प्रजाति की है । यह पौधे जंगलों में प्राकृतिक रूप से उगती है । ये इमारती लकड़ियों में नही गिनी जाती । फिर भी यह वन अधिनियम के तहत अपराध है । प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है ।


























