
भंवरपुर. (काकाखबरीलाल)। निर्वाचन आयोग भले ही अभी नगरीय निकायों के चुनाव करवाने की जद्दोजहद कर रहा है, और अभी त्रिस्तरीय पंचायतों के निर्वाचन में समय है, मगर ग्राम पंचायत, जनपद और जिला पंचायत चुनाव लड़ने के इच्छुक दावेदार अपने अपने समीकरण बनाने में जुटे हुए हैं। अब तक की जानकारी के अनुसार कई वर्तमान सरपंच ऐसे हैं जो दोबारा सरपंच बनने का सपना देख रहे हैं। वहीं जनपद सदस्य चुनाव लड़ने के इच्छुक दावेदार अभी से मतदाताओं को रिझाने के लिए पिकनिक और भ्रमण कार्यक्रम शुरू कर चुके हैं। वहीं जिला पंचायत चुनाव लड़ने के लिए अभी से दावेदारों का जनसम्पर्क शुरू हो चुका है। जिला पंचायत क्षेत्र क्रं 11 का आरक्षण अजजा मुक्त होने के साथ ही अनुसूचित जनजाति वर्ग के दावेदारों के नामों की चर्चा होने लगी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार क्षेत्र क्रं 11 में कुल 38 ग्राम पंचायत आते हैं । इन गांवों के मतदाताओं से दावेदारों की भेंट मुलाकात का सिलसिला जारी है। चर्चा है कि इस बार छत्तीसगढ़ में सत्ताधारी कांग्रेस से जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित शाखा भंवरपुर के प्रबंधक और आदिवासी समाज के अध्यक्ष अमृतलाल जगत अपनी पत्नी के लिए टिकट मांग रहे हैं। तथा सामाजिक लोगों और परिचितों से समर्थन भी मांग रहे हैं। वहीं बड़ेसाजापाली क्षेत्र के कांग्रेस के दिग्गज नेता धर्मेंद्र सिदार, चमरा तिग्गा का नाम भी कांग्रेस से जिला पंचायत चुनाव के लिए दावेदारों में शामिल बताया जा रहा है । 2015 से 2018 तक भाजपा के सक्रिय सदस्य रहे तथा 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी ज्वाइन करने वाले चमरा तिग्गा को सरायपाली विधायक किस्मत लाल नंद का समर्थन मिलने की चर्चा चल रही है। इनके अलावा संकुल समन्वयक भरतलाल जगत भी अपनी पत्नी के लिए कांग्रेस से टिकट मांग रहे हैं। जबकि भाजपा से उरांव समाज के जिलाध्यक्ष एवं सर्व आदिवासी समाज के सरायपाली तहसील सचिव शिवलाल लकड़ा जिला पंचायत क्षेत्र क्रं 11 से दावेदारी कर रहे हैं। उनकी पत्नी पिछली बार जनपद पंचायत सरायपाली के सदस्य का चुनाव लड़ चुके हैं। वहीं भाजपा से ही किसान मोर्चा के मंडल अध्यक्ष रहे कृष्णकुमार नायक अपने करीबी कार्यकर्ता के लिए टिकट मांग रहे हैं। खबर है कि भाजपा के दावेदारों ने मंडल अध्यक्ष विद्या चौधरी के मुलाकात कर चुनाव लड़ने की ईच्छा जताई है। हांलाकि भाजपा या कांग्रेस किसी भी पार्टी ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर अपने पत्ते नहीं खोले हैं।



























