आनलाईन एंट्री से अब किसानों को मिलेगा ऋण दलालों पर लगेगा लगाम

छतरसिग पटेल,सरायपाली। जहां चाह वहां राह होती है। सहकारी बैंको में किसान कर्ज नही लेता फिर भी उसके नाम पर कर्ज चढ़ जाता है। कर्ई चतुर लोग एक पट्टे पर कर्ई जगह कर्र्ज ले लेते हैं। इन सब फर्जीवाड़ो को समझकर शासन ने सिस्टम को अपडेट करने की व्यवस्था की है। हालांकि आनलजाइन में जब लिंक फेल होता है तो लगता है दुनिया ही रूक गई है।
शासन द्वारा इस खरीफ सीजन में जिला सहकारी बैंक में किसानों के ऋण वितरण की प्रक्रिया को आनलाइन करने की तैयारी की जा रही है। इससे किसान एक ही पट़्टे एक ही बार ऋण ले सकेगा। दूसरा बैंक वाला उस सिस्टम में जाकर उस पट्टे पर कितना ऋण लिया है जान सकेगा। इस तरह एक पट्टे से एक ही बैंक में ऋण स्वीकृत होगा। जिला सहकारी बैंक किसानों को ऋण की प्रक्रिया आनलाइन नही थी जिससे किसान या दलाल फायदा उठाते थे। किसान स्वयं या दलाल उसके नाम पर उसी पट्टे से दूसरे बैंकों से ऋण का लाभ ले लेते थे आनलाइन एंट्री की नई व्यवस्था के बाद किसान एक पट़्टे से एक ही बैंक मेें ऋण सुविधा प्राप्त कर सकेगा। फर्जी ऋण वितरण पर रोक लगाने के लिए आनलाइन एंट्री की व्यवस्था के निर्र्देेश शासन द्वारा दिए गए हैं।
कितनेे किसान हैंं पंजीकृत
जिला सहकारी बैंक में पंजीकृत किसानों की संख्या 1 लाख 17 हजार है। खरीफ में इन किसानों को ऋण देना प्रारंभ किया जाना है। इस खरीफ सीजन में किसानों को 270 करोड़ रूपए ऋण देने का लक्ष्य रखा गया है। बहरहाल आगामी खरीफ सीजन के लिए किसानों ने सहकारी समितियों से खाद बीज का उठाव प्र्रारंभ कर दिया है। शादी सीजन समाप्त होने के बाद मानसून का भी आगमन होने की तैयारी हो जाती है। किसान अकरस जुताई की तैयारी कर किसानी को आगे बढ़ाता है। जिला सहकारी बंैक से मिली जानकारी के अनुसार अभी तक पूरे महासमुंद जिले में 18.60 करोड़ रूपए का ऋण वितरण किया गया है। जिसमें 1311 टन खाद एवं 854 क्विंटल बीज एवं शेष नगद राशि शामिल है।
60:40 का अनुपात
ज्ञातव्य है कि ऋण वितरण में 60 एवं 40 प्रतिशत का अनुपात रखा जाता है। खाद बीज के लिए 60 प्रतिशत नगद 40 प्रतिशत। लेकिन किसान नगद राशि लेने में अपनी रूचि दिखा रहे हैं ताकि किसानी प्रारंभ होने के पूूर्र्व अन्य कार्यों में उपयोग किया जा सके।


























