सरायपाली:आश्रम शाला डूडुमचुंवा में उत्साह के साथ मनाया शिक्षक दिवस

सरायपाली। शासकीय आदिवासी कन्या आश्रम शाला डूडुमचुंवाँ में शिक्षक दिवस उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने अपने गुरुओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। समारोह की शुरुआत विद्यार्थियों के आकर्षक संचालन से हुई। इसके बाद भावपूर्ण गायन, मनमोहक नृत्य, कविता पाठ सहित विभिन्न प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया।
सभा को संबोधित करते हुए शिक्षक सुंदर लाल डडसेना ने डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका जीवन शिक्षकों के लिए प्रेरणादायी है। शिक्षक केवल किताबों का ज्ञान नहीं देते, बल्कि सही और गलत के बीच अंतर समझाते हैं, कठिन परिस्थितियों में आगे बढ़ने का हौसला देते हैं और बेहतर इंसान बनने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहानी के माध्यम से विद्यार्थी के पांच लक्षणों के बारे में भी जानकारी दी।
शिक्षक डिंगर दास वैष्णव ने शिक्षकों के तीन गुणों की व्याख्या करते हुए कहा कि शिक्षक के प्रथम अक्षर ‘शि’ से शिष्टाचारी, ‘क्ष’ से क्षमाशील और ‘क’ से कर्तव्यनिष्ठ होने का भाव प्रकट होता है। प्रधान पाठक कु. अंजनी चौहान ने कहा कि शिक्षक को ज्ञानवान, धैर्यवान, सहानुभूतिशील, प्रेरणादायक, कुशल वक्ता, आत्मविश्वासी होने के साथ-साथ कुशल सलाहकार भी होना चाहिए।
पुलिस गार्ड पूनम सिदार ने कहा कि शिक्षकों के सम्मान के लिए बच्चों को जागरूक होना चाहिए और गुरु-शिष्य परंपरा के अंतर्गत सदैव अपने गुरुओं का सम्मान करना चाहिए।
कार्यक्रम में मानवी मानिकपुरी, रिषिका साहू, भूमि खड़िया, पूनम खड़िया, रानू, नेहा सिदार, कमला, मंजू, कुमकुम सिदार, निमाबाई, नीलेश्वरी, पिंकी, रेणु, निकिता कैवर्त, प्रीति, दीक्षा, सुरभि और देवकी सहित विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन यामिनी साहू ने किया तथा आभार प्रदर्शन पूनम सिदार ने किया।
इस अवसर पर प्रधान पाठक कु. अंजनी चौहान, शिक्षक डिंगर दास वैष्णव, सुंदर लाल डडसेना, पुलिस गार्ड पूनम सिदार, स्कूल स्वीपर पिरोबती सागर, आश्रम रसोइया मीरा जगत एवं सरोजनी यादव, स्कूल रसोइया सुशीला जायसवाल एवं प्रियंका साव सहित विद्यार्थी उपस्थित रहे।




























