सरायपाली:छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

सरायपाली।छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन सरायपाली के तत्वाधान में माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी छत्तीसगढ़ शासन के नाम एसडीएम (राजस्व) सरायपाली अनुपमा आनंद(IAS) को ज्ञापन सौंपा गया। संदर्भित पत्र क्रमांक 1 के द्वारा मुख्य सचिव एवं संदर्भित पत्र क्रमांक 2 के द्वारा फेडरेशन के प्रथम चरण आंदोलन दिनांक 16 जुलाई 2025 के दौरान जिला कलेक्टरों के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव के नाम ज्ञापन सौंपकर फेडरेशन के 11 सूत्रीय मांगों से अवगत कराया गया था। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रदेश के कर्मचारियों को “मोदी की गारंटी” के तहत निम्नांकित मांगों को लेकर छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन द्वारा आंदोलन के माध्यम से लगातार शासन – प्रशासन से पत्राचार किया गया।मांगों के निराकरण हेतु त्वरित करवाई नहीं होने के कारण प्रदेश के कर्मचारी अधिकारीयों की प्रमुख मांग निम्न है।
1. मोदी की गारंटी अनुसार वर्ष जुलाई 2016 से लंबी डीए, एरियर्स की राशि कर्मचारियों के जीपीएफ खाते में सामायोजित की जाए।
2. प्रदेश में चार स्तरीय पदोन्नत समयमान वेतनमान क्रमशः 8, 16, 24 ,32 वर्ष में दिया जाए।
3. मध्य प्रदेश की भांति प्रदेश में अर्जित अवकाश नगदी करण 300 दिवस की जाए।
4. प्रदेश की लिपिकों, शिक्षकों, स्वास्थ्य विभाग, महिला बाल विकास विभाग सहित विभिन्न संवर्गों की वेतनविसंगतियों को दूर करने पिंगुआ कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक किया जाए।
5. प्रदेश के शिक्षकों की प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना करते हुए समस्त सेवा लाभ दिया जाए।
6. सहायक शिक्षकों एवं सहायक पशु चिकित्सा अधिकारियों को भी त्रिस्तरीय समयमान वेतन मान दिया जाए।
7. प्रदेश में अनुकंपा नियुक्ति निःशर्त लागू करने स्थाई आदेश जारी किया जाए। वर्तमान में 10% सीलिंग समाप्त करते हुए सीधी भर्ती के समस्त पदों पर अनुकंपा नियुक्ति दिया जाए।
8. प्रदेश के पंचायत सचिवों का शासकीय कारण किया जाए तथा नगरीय निकाय के कर्मचारियों को नियमित मासिक वेतन एवं समयबद्ध पदोन्नति दिया जाए।
9. प्रदेश के विभिन्न विभागों में सेटअप पुनरीक्षित नहीं होने के कारण अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कमी को देखते हुए सभी विभागों में समानता लाते हुए सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष की जावे।
10. प्रदेश में कार्यरत कार्यभारित, दैनिक वेतन भोगी, नियमित, संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण करते हुए नियमित पदस्थापना में नियुक्त किया जावे।
11. प्रदेश में आधार बेस्ड अटेंडेंस एवं सेवानिवृत्ति उपरांत संविदा नियुक्ति तत्काल बंद किया जाए। विभागों में रिक्त पदों पर अति शीघ्र भर्ती हेतु अनुमति दी जाए।
छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन से संबद्ध 132 मान्यता एवं गैर मान्यता प्राप्त संगठनों के द्वारा उपरोक्त मांगों को लेकर चतुर्थ चरण का आंदोलन सह ज्ञापन सौंपा गया।
जिसमें अनिल पटेल (जिला अध्यक्ष छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ) भोलानाथ नायक (छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन संयोजक) जयंत बारीक( ब्लॉक सचिव छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ) राजेश प्रधान (संरक्षण छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षा फेडरेशन) गणेश चौहान (अध्यक्ष छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षा फेडरेशन) उपेंद्र साहू (कार्यकारी अध्यक्ष छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षा फेडरेशन) रोशन भोई (उपाध्यक्ष छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षा फेडरेशन) अंगद बारिक (सचिव छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षा फेडरेशन) लिंगराज देवांगन (छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ उपमंत्री) जितेंद्र कुमार साहू (जिला महामंत्री दिव्यांग संघ) चंद्रशेखर पटेल (ब्लॉक अध्यक्ष दिव्यांग संघ) दमयंती नायक (अध्यक्ष पटवारी संघ) दुर्वादल दीप (सचिव संयुक्त शिक्षक संघ) लोकेश पात्र (कोषाध्यक्ष संयुक्त शिक्षक संघ) सत्य कुमार नायक, त्रिवेणी पटेल, मनोरमा दीवान, हेमंत चौधरी, निर्मल पुरोहित, रूपानंद प्रधान एवं समस्त अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित थे।




























