बसना

अग्रवाल मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल :रोड एक्सीडेंट और अंदरूनी चोटों को न करें नजरअंदाज, तुरंत जांच बचा सकती है जान

बसना (महासमुंद)। सड़क दुर्घटनाओं या किसी भी प्रकार के हादसे में अक्सर लोग केवल उन्हीं चोटों का इलाज करवाते हैं जो बाहर से दिखाई देती हैं। लेकिन कई बार अंदरूनी चोटें (Internal Injuries) ज्यादा घातक साबित होती हैं, जो समय पर इलाज न मिलने के कारण जानलेवा बन जाती हैं। इसी गंभीर विषय पर जागरूकता फैलाने के लिए स्थानीय अग्रवाल मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल, बसना ने एक विशेष स्वास्थ्य जागरूकता संदेश जारी किया है।
अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टरों के अनुसार, हर गंभीर चोट बाहर से दिखाई नहीं देती। कई बार पेट की अंदरूनी चोट, लिवर या फेफड़ों का डैमेज, रीढ़ की हड्डी की चोट और ब्रेन की अंदरूनी ब्लीडिंग (जिसके कारण बेहोशी या झटके आते हैं) मरीज को धीरे-धीरे गंभीर स्थिति में ले जाती हैं। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि किसी भी दुर्घटना के बाद मरीज की तुरंत सीटी स्कैन और सोनोग्राफी जांच करानी चाहिए, ताकि छुपी हुई चोटों का समय रहते पता लगाया जा सके।
24 घंटे उपलब्ध हैं क्रिटिकल केयर और एम्बुलेंस सुविधाएंग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के मरीजों को आपातकालीन स्थिति में भटकना न पड़े, इसके लिए अग्रवाल मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में 24 घंटे आपातकालीन एम्बुलेंस और ऑपरेशन (OT) की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इसके साथ ही अस्पताल में एक समर्पित ट्रॉमा एवं क्रिटिकल केयर टीम भी तैनात रहती है जो गंभीर मरीजों को तत्काल जीवन रक्षक इलाज देती है।
अस्पताल में मौजूद हैं इन रोगों के विशेषज्ञ डॉक्टर:स्थानीय मरीजों को अब बड़े शहरों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है, क्योंकि अस्पताल में विशेषज्ञों की पूरी टीम मौजूद है:
डॉ. संदीप अग्रवाल (हड्डी एवं स्पाइन सर्जरी विशेषज्ञ)
डॉ. वैभव धवली (न्यूरो विशेषज्ञ)
डॉ. अभिषेक अग्रवाल (रूट कैनाल एवं इम्प्लांट विशेषज्ञ)
डॉ. अमित अग्रवाल (वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ)
डॉ. भारती अग्रवाल (स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ व सर्जन)
डॉ. राहुल कश्यप (एनेस्थीसिया एवं क्रिटिकल केयर विशेषज्ञ)
अस्पताल प्रबंधन ने अपील की है कि किसी भी आपातकालीन स्थिति या दुर्घटना के समय मरीज को बिना देरी किए नजदीकी ट्रॉमा सेंटर ले जाएं। आपातकालीन सहायता के लिए अस्पताल के हेल्पलाइन नंबर 84618-11000, 77708-68473, या 77730-86100 पर संपर्क किया जा सकता है।

🩺 सामान्य चिकित्सा सलाह (Medical Disclaimer)
दुर्घटना के मामलों में अंदरूनी स्थिति को समझने के लिए चिकित्सक आमतौर पर निम्नलिखित तीन प्राथमिक जांचों की सलाह देते हैं:
सीटी स्कैन (CT Scan): सिर और मस्तिष्क के अंदरूनी रक्तस्राव की पहचान के लिए।
सोनोग्राफी (USG): पेट के आंतरिक अंगों जैसे लिवर और स्प्लीन की सुरक्षा जांच के लिए।
डिजिटल एक्स-रे (X-Ray): हड्डियों के गुप्त फ्रैक्चर का पता लगाने के लिए।

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काका खबरीलाल

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