सरायपाली:मानसून में टायफाइड का बढ़ा खतरा, दूषित पानी और भोजन से रहें सावधान

सरायपाली। मानसून के दौरान दूषित पानी और संक्रमित भोजन के सेवन से टायफाइड जैसी गंभीर बीमारी का खतरा बढ़ जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार इस मौसम में स्वच्छता और खान-पान में लापरवाही संक्रमण का प्रमुख कारण बनती है। समय रहते सावधानी बरतकर इस बीमारी से बचा जा सकता है।
चिकित्सकों ने लोगों से केवल साफ, उबला या फिल्टर किया हुआ पानी पीने, ताजा एवं अच्छी तरह पका भोजन खाने, भोजन से पहले और शौच के बाद साबुन से हाथ धोने तथा खुले में बिकने वाले कटे फल और स्ट्रीट फूड से परहेज करने की सलाह दी है। साथ ही फल और सब्जियों को अच्छी तरह धोकर ही उपयोग करने की अपील की गई है।
विशेषज्ञों के मुताबिक यदि लगातार तेज बुखार, सिरदर्द, कमजोरी, पेट दर्द, दस्त या कब्ज, भूख कम लगना अथवा उल्टी-मितली जैसे लक्षण दिखाई दें तो बिना देरी किए चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। समय पर जांच और उपचार से टायफाइड का प्रभावी इलाज संभव है।
डॉ. नेलन लुगुन (एमडी, मेडिसिन विशेषज्ञ) ने बताया कि बरसात के मौसम में स्वच्छ पेयजल और सुरक्षित भोजन अपनाकर टायफाइड जैसी बीमारियों से काफी हद तक बचाव किया जा सकता है। उन्होंने लोगों से लक्षण दिखने पर स्वयं दवा लेने के बजाय विशेषज्ञ चिकित्सक की सलाह लेने की अपील की है।































