महासमुंद:कुष्ठ उन्मूलन के लिए चिकित्सा अधिकारियों का प्रशिक्षण आयोजित, जीरो कुष्ठ लक्ष्य पर जोर

महासमुंद। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देशन में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संचालित राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के तहत जिले के चिकित्सा अधिकारियों एवं सेक्टर सुपरवाइजरों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य कुष्ठ रोग की शीघ्र पहचान, प्रभावी उपचार तथा रोग उन्मूलन के लिए स्वास्थ्य कर्मियों की क्षमता का विकास करना था।
कार्यशाला में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव, क्षेत्रीय कुष्ठ प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान रायपुर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. शेख अहतेसाम शरीफ, सहायक निदेशक एपिडेमियोलॉजी डॉ. किरण स्वप्निल अखाडे तथा जिला कुष्ठ अधिकारी डॉ. वी. पी. सिंह उपस्थित रहे।
प्रशिक्षकों ने प्रतिभागियों को कुष्ठ रोग की शीघ्र पहचान, संदिग्ध मामलों की रिपोर्टिंग, मल्टी ड्रग थेरेपी (एमडीटी) के प्रभावी उपयोग, रिएक्शन एवं अल्सर प्रबंधन, विकलांगता रोकथाम, संपर्क जांच तथा एसडीआर एवं पीआरपी प्रोटोकॉल की विस्तृत जानकारी दी।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव ने कहा कि जिले से कुष्ठ रोग का पूर्ण उन्मूलन प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों से फील्ड स्तर पर कार्यरत स्वास्थ्य कर्मचारियों की दक्षता बढ़ेगी और जिले को ‘जीरो कुष्ठ’ बनाने के लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायता मिलेगी।
जिला कुष्ठ अधिकारी डॉ. वी. पी. सिंह ने कुष्ठ रोग के लक्षणों की समय पर पहचान, नियमित उपचार तथा समाज में व्याप्त भ्रांतियों को दूर करने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि जागरूकता और समय पर उपचार से कुष्ठ रोग को पूरी तरह नियंत्रित किया जा सकता है।
कार्यशाला में जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्रीमती नीलू धृतलहरे सहित जिले के सभी विकासखंडों से आए चिकित्सा अधिकारियों एवं सेक्टर सुपरवाइजरों ने सक्रिय सहभागिता निभाई।
फोटो कैप्शन: राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के तहत आयोजित कार्यशाला में चिकित्सा अधिकारियों एवं सेक्टर सुपरवाइजरों को प्रशिक्षण देते विशेषज्ञ।
































