बसना:राष्ट्रीय छात्रवृत्ति परीक्षा में 30 विद्यार्थी हुए सफल

बसना@ काकाखबरीलाल। राष्ट्रीय साधन सह प्रावीण्य छात्रवृत्ति परीक्षा (NMMSE) 2024-25 के राष्ट्रीय स्तर के परीक्षा आयोजित किया गया था। जिसमें महासमुंद जिला को कुल 90 सीट प्राप्त हुआ था। इस 90 सीट में बसना विकास खण्ड ने 30 सीट अर्जित किया और बसना के शिक्षक, विद्यार्थियों ने अपने विकास खण्ड को शीर्ष पर रखने में सफलता प्राप्त किया। विकास खंड शिक्षा अधिकारी जे आर डहरिया एवं विकास खंड स्रोत केंद्र समन्वयक पूर्णानंद मिश्रा के मार्गदर्शन में हुए तैयारी में बसना विकास खण्ड के MS बिजराभाठा के 7 विद्यार्थी सुकांति नायक, रितिका निषाद, गीतिका चौधरी, देविका सागर, नीलू सिदार, आँचल कुमार और कशिश सिदार, MS बिरनडबरी के 6 विद्यार्थी चांदनी बरिहा, दामिनी पटेल, सेवन पटेल, सन्नू चौहान, नेहा बरिहा और दामिनी बरिहा, MS बड़े साजापाली के 3 विद्यार्थी सीमा यादव, यशवंत और पूर्णिमा नेताम MS चिमरकेल के 3 विद्यार्थी यशस्वी डड़सेना, खुशबू बारिक और वायुदेव सिदार MS बंसूला के 2 विद्यार्थी खुशबू साव और डीलेश साव, MS नौगेड़ी के 2 विद्यार्थी चंद्रमणी पटेल और हर्ष चौहान, MS उमरिया के 2 विद्यार्थी मोनिका दीवान और नियति पटेल, MS ढालम से सीमा निषाद, MS दुर्गापाली से भारती इक्का, कन्या शाला बसना से देवप्रिया सामल, MS मोहका से आलोक साहू और सेजेस भूकेल से गुरूदेश बारिक के साथ कुल 30 विद्यार्थियों ने सफलता प्राप्त किया। इस सफलता हेतु विकास खण्ड स्रोत समन्यवक बसना डॉ. पूर्णानंद मिश्रा, विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी बसना जे.आर.डहरिया, विकास खण्ड सहायक शिक्षा अधिकारी बसना विनोद कुमार शुक्ला, लोकेश्वर सिंह कंवर, बद्री विशाल जोल्हे सक्रिय सहायक शिक्षक वीरेंद्र कर ने हर्ष व्यक्त किया। साथ ही विद्यार्थीयों, पालकों, मार्गदर्शक शिक्षकों एवं प्रधान पाठकों को सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए सराहाया गया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय प्रतिभावान छात्र बनना एक विशेष उपलब्धि है इस सफलता से चयनित सभी छात्रों को 9वीं से 12वीं तक प्रतिमाह 1000 ₹ की छात्रवृत्ति मिलेगा और इस छात्रवृत्ति से विद्यार्थी अपने शिक्षा को और मजबूत करेंगे। यह केंद्र सरकार की योजना है। NMMSE परीक्षा के तैयारी कराने वाले विजय कश्यप,टिकेलाल सामल ,विकास प्रधान,गजेंद्र नायक,सुजाता प्रधान,सहायक शिक्षक विरेन्द्र कुमार चौधरी शा.प्रा.शाला तिलाईदादर सहित संबंधित विद्यालयों के शिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।



























