किसान नेत्री डॉ अनामिका पॉल के खिलाफ एफआईआर दर्ज.

काकाखबरीलाल, बसना। बसना ब्लॉक में पिछले 2 सालों से किसानों मजदूरों के संघर्ष की लड़ाई लड़ रही डॉ अनामिका पॉल एंव उनके साथियों के खिलाफ बसना थाने में सीईओ ने एफआईआर दर्ज कराई है। ज्ञात हो कि किसानों की हित के लिए हमेशा आवाज उठाने वाली नेत्री डॉ अनामिका पॉल किसानों मजदूरों के लिए हमेशा संघर्षरत रहती है।
बसना जनपद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने डॉ. अनामिका सहित डॉ. अमिताभ पाल तथा उनके साथीगण श्री विद्याशंकर दास अरेकेल, वसीम अकरम छोटेटेमरी, ओशिन जौहरी बसना, आशिष बारिक पौंसरा, राजेश प्रधान बरगांव, प्रकाश जैन बसना, नितिश साहू, अनिश असरफी, धर्नुजय पिता अशोक बिटांगीपाली, निरंजन पिता शंकर बिटांगीपाली, डोलामणी भोई बरगांव एवं इनके अन्य साथियों के द्वारा बसना जनपद में मुख्यकार्यपालन अधिकारी के कक्ष के भीतर जबरन घुंसकर गाली गलौच कर धमकाते हुए शासकीय कार्य मे बाधा पहुंचाने की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
ज्ञात हो कि कुछ दिनों पहले ही किसानो की फसल बीमा की राशि एंव अन्य मांगों के लिए धरने पर बैठी थी एंव आश्वासन के बाद धरना खत्म किया था उसी प्रकार पुनः 3 सितम्बर को दोपहर 12 बजे डॉ अनामिका पॉल एंव कुछ किसानों के साथ बसना जनपद में सौचालय की राशि के मांग हेतु जनपद पहुंचे थे जिसमें जिले के सभी गांव ओडीएफ घोषित हो गया है फिर भी सरपंच सचिव शौचालय की राशि का भुगतान न करने के सम्बंध में था।
डॉ अनामिका पॉल से जब इस बारे में पूछा तब उन्होंने बताया कि :
जब भी संघर्ष शील आम जन धरने पर बैठते है। तो उन्हें डरा धमका कर चुप करा दिया जाता है,बड़े ही शर्म का विषय है कि आज किसानों के हित में आवाज उठाने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा रही है । पर हम हार नहीं मानेंगे, ऐसे एक नहीं हजारों एफआईआर भी हो जाये हम पीछे हटने वाले नहीं है जनहित के मुद्दे के लिए गिरफ्तारी भी हो जाये तो कोई फर्क नही पड़ेगा। चाहे जो हो जाये हम हमेशा किसानों के हित के लिए लड़ते आये है और लड़ते रहेंगे। लाखों के घोटाले करने वाले सचिव के खिलाफ सबूत होते हुए भी कोई कार्यवाही नही हो रही है इस भ्रष्टाचार के पीछे किसका हाथ है, जिले का ,जनपद का या गांव का कार्यवाही क्यों नही हो रही है,, शौचालय की राशि भुगतान नही हुआ जबकि जिले के सारे गांव ओडीएफ घोषित हो चुके है। सरपंच सचिव राशि का भुगतान नही कर रहे है तो शायद इसमें जनपद सीईओ और जिला सीईओ का भी हाथ है अब जब सीईओ को इस बारे में जवाब मांगा गया तो हमे ही फसाने की कोशिस में एफआईआर दर्ज करा रहा है। ये किसानों की भ्रष्टाचारियों के खिलाफ लड़ाई है। ये हमारे हक की लड़ाई है। चाहे कितनी भी परेशानी आ जाये हम पीछे नही हटेंगे किसानों को उनका हक दिला कर रहेंगे।



























