जीवन और मौत से जूझ रही एक बच्ची को नीलांचल सेवा समिति के सदस्य सतीश देवता ने खून देकर न सिर्फ उसकी जान बचाई बल्कि, मानवता की मिसाल कायम की।

समिति के युवा कार्यकर्ता हर समय रक्तदान कर गरीब, नि:सहाय लोगों की जान बचाने के लिए तत्पर : मनहरण
शुकदेव वैष्णव, काकाखबरीलाल/बसना। जीवन और मौत से जूझ रही एक बालिका को नीलांचल सेवा समिति के सदस्य सतीश देवता ने खून देकर न सिर्फ उसकी जान बचाई बल्कि, मानवता की मिसाल कायम की है। बताते चलें कि बसना जनपद क्षेत्र के ग्राम गधाभाटा गांव के निवासी मजदूर प्यारी दास की सुपुत्री कु.चंचला दास आयु 24 वर्ष जो विगत 2 वर्षो से सिकलीन जैसे बीमारी से ग्रसित है, सिकलीन जैसे गंभीर बीमारी के वजह से शरीर मे हमेशा खून की कमी होती रहती है जिसके कारण हर दो तीन माह के भीतर खून की आवश्यकता पड़ती रहती है और मरीज को प्रायः ही हर दो तीन माह के अंतर्गत खून चढ़ाया जाता है। सूचना मिलते ही नीलांचल सेवा समिति के सदस्य सतीश देवता, मनहरण सोनवानी, प्रेमसागर दास निवास स्थान पर पहुंचकर उनके समस्या से अवगत हुए, तत्पश्चात सतीश देवता ने रक्तदान कर सिकलीन युक्त मरीज की जान बचाई है।
नीलांचल सेवा समिति के सदस्य मनहरण सोनवानी ने कहा कि समिति के युवा कार्यकर्ता हर समय रक्तदान कर गरीब, नि:सहाय लोगों की जान बचाने के लिए तत्पर रहते हैं। रक्तदान महादान हैं इससे कोई नुकसान नहीं होता बल्कि, जरूरतमंद की जान बच जाती है। रक्तदाता सतीश देवता ने अपने बारे में बताते हुए कहा कि वे नीलांचल सेवा समिति के सदस्य के हैं जो अपने 18 वर्ष पूर्ण होने के पश्चात ही निरंतर रक्तदान करते आ रहे हैं अगर यह रक्तदान को मिलाया जाए तो सतीश देवता के जिंदगी में यह सोलवीं बार रक्तदान कर चुके हैं उनका कहना है कि रक्तदान करना मतलब दूसरों का जिंदगी को बचाना और उन्हें रक्तदान करना बेहद अच्छा लगता है।



























