नगर में मनाया गया उत्साह के साथ कमर छठ का त्यौहार

नंदकिशोर अग्रवाल, काकाखबरीलाल/पिथौरा नगर – आज नगर सहित ग्रामीण अंचलो में महिलाओ के द्वारा पुत्र की दीर्घायु की कामना के लिए जगह जगह सगरी बनाकर हलषष्ठी माता , वरुण देव , श्री गणेश गौरी, शंकर पार्वती जी का पूजन किया गया । इसी तारतम्य में लाहरौद के डिपो पारा के वन विहार कालोनी में भी कमर छठ का त्योहार मनाया। जिसमे माताएं अपने पुत्र की लंबी उम्र के लिए हल षष्ठी की पूजा नियम विधि से की। त्यौहार के एक दिन पहले ही महिलाएं अपने घर की साफ सफाई में लगी हुई थी। त्यौहार के दिन महिलाएं घर के सामने गोबर से लिप कर वहां सगरी बना कर उसे काशी और फुल पौधों से सजाई थी तथा उसमें जल भर कर हल षष्ठी और वरुण देवता की पूजा सामूहिक रूप से की। इस दौरान महिलाए उपास थी लेकिन पूजा पाठ हेतु काफी उत्साहित थी।पंडित खगेश्वर महापात्र व पंडित शिवशंकर मिश्रा ने बताया कि भाद्रपद माह की छठी तिथि को महिलाएं अपने पुत्र के दीर्घायु होने और उन्हें असामयिक मौत से बचाने के लिए हरछठ या हलषष्ठी व्रत करती हैं। इस दिन महिलाएं ऐसे खेत में पैर नहीं रखतीं, जहां फसल पैदा होनी हो और ना ही पारणा करते समय अनाज व दूध-दही खाती है। इस दिन हल पूजा का विशेष महत्व है इस दिन गाय के दूध व दही का सेवन करना वर्जित माना गया है ।इस दिन हल जुता हुआ अन्न तथा फल खाने का विशेष माहात्म्य है। इस दिन महुए की दातुन करना चाहिए। यह व्रत पुत्रवती स्त्रियों को विशेष तौर पर करती हैं।
हरछठ के दिन दिनभर निर्जला व्रत रखने के बाद शाम को पसही के चावल या महुए का लाटा बनाकर पारणा करने की मान्यता है।


























