छत्तीसगढ़

महासमुंद : शारीरिक और मानसिक विकास के लिए पारम्परिक खेल जरूरी

नवयुवक मित्रों। बलवान बनों। तुमको मेरी यह सलाह है। युवकों को फुटबॉल खेलना चाहिए।” इस कथन से स्पष्ट है कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का निवास संभव है और शरीर को स्वस्थ तथा मजबूत बनाने के लिए खेल अनिवार्य है। मनोवैज्ञानिकों का मत है कि मनुष्य की खेलों में रुचि स्वाभाविक है। इसी कारण बच्चे खेलों में अधिक रुचि लेते है।

जब हम छोटे थे तब हमने सभी या कुछ भारतीय पारंपरिक खेल हैं। लेकिन, हमारे बच्चे भारत के कितने पारंपरिक खेल खेलते हैं या जानते हैं? दुख की बात है कि आज के युग में बच्चे लगातार टेलीविजन और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स से चिपके रहते हैं। बाटी (कांचा) खेल कांच की उत्पत्ति मानव जाति के शुरुआती दिनों में देखी जा सकती है। इस खेल से बच्चों में एकाग्रता और मन की उपस्थिति तेज करता बल्कि लक्ष्य और फोकस में भी सुधार होता  है। वही गिल्ली डंडा खेलने से हाथ-आँख के समन्वय में सुधार होता है। वही ये निर्णय कौशल को तेज करता है। खेल एक शारीरिक क्रिया है, जिसके खेलने के तरीकों के अनुसार उसके अलग-अलग नाम होते हैं। खेल लगभग सभी बच्चों द्वारा पसंद किए जाते हैं, चाहे वे लड़की हो या लड़का।
आमतौर पर, लोगों द्वारा खेलों के लाभ और महत्व के विषय में कई सारे तर्क दिए जाते हैं और हाँ, हरेक प्रकार का खेल शारीरिक, मानसिक, मनोवैज्ञानिक और बौद्धिक स्वास्थ्य के साथ गहराई से जुड़ा हुआ है। यह एक व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करता है। नियमित रुप से खेल खेलना हमारे मानसिक कौशल के विकास में काफी सहायक होता है। यह एक व्यक्ति के मनोवैज्ञानिक कौशल में भी सुधार करता है। यह हमारे अंदर प्रेरणा, साहस, अनुशासन और एकाग्रता लाने का कार्य करता है। स्कूलों में खेल खेलना और इनमें भाग लेना विद्यार्थियों के कल्याण के लिए आवश्यक कर दिया गया है। खेल, कई प्रकार के नियमों द्वारा संचालित होने वाली एक प्रतियोगी गतिविधि है।
बतादें कि छत्तीसगढ़ ओलम्पिक पूरे छत्तीसगढ़ सहित महासमुंद ज़िले में 06 अक्टूबर से शुरू हुआ। यह आयोजन 6 चरणों में हो रहा है। इसमें आयु वर्ग 18 तक, 18 से 40 और 40 आयु वर्ग से अधिक उम्र के लोग भाग ले सकते हैं। पहला चरण राजीव युवा मितान क्लब स्तर पर 6 अक्टूबर से 11 अक्टूबर तक हुआ। दूसरा ज़ोन बार इसमें आठ क्लब को मिला कर एक ज़ोन होगा। यह 15 अक्टूबर से 20 अक्टूबर तक होगा। छत्तीसगढ़िया ओलंपिक में छत्तीसगढ़ के पारंपरिक 14 खेल विधाओं में प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही है।
राजीव युवा मितान क्लब स्तर पर 06 अक्टूबर से 11 अक्टूबर तक पहले स्तर की प्रतियोगिताएं आयोजित हुई। इसके बाद जोन स्तर पर 15 अक्टूबर से 20 अक्टूबर तक, विकासखण्ड/नगरीय क्लस्टर स्तर पर प्रतियोगिताएं 27 अक्टूबर से 10 नवम्बर तक आयोजित की जाएंगी। ज़िले में चौथा और अंतिम स्तर जिला स्तर पर 17 नवम्बर से 26 नवम्बर तक आयोजित होगा। इसके बाद यहां के विजेता संभाग स्तर पर 05 दिसम्बर से 14 दिसम्बर तक आयोजित छत्तीसगढ़िया ओलंपिक में भाग लेंगे। राज्य स्तर पर छठवां स्तर का छत्तीसगढ़िया ओलंपिक 28 दिसम्बर 2022 से 06 जनवरी 2023 तक खेला जाएगा।

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काका खबरीलाल

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