सरायपाली

सरायपाली : शिक्षकों की कमी से जूझ रहा मोहदा का उच्च प्राथमिक शाला

राज्य सरकार और शिक्षा विभाग शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन लाने एवं स्कूलों में शिक्षक सहित अन्य व्यवस्थाएं बेहतर करने के लाख दावे कर रहा हो, लेकिन धरातल में शिक्षा का निम्न स्तर और स्कूलों में शिक्षकों की कमी अभी भी काफी दिक्कतों का सामना करना बनी हुई है। विकासखंड के मोहदा में पड़ता है। यहां कक्षा छठवीं में 34 शासकीय उच्च प्राथमिक शाला संचालित है, जहां कई वर्षों से शिक्षकों की कमी बनी हुई है, लेकिन ध्यान देने वाला कोई नहीं हैं। इससे पालकों में नाराजगी है। उच्च प्राथमिक शाला में वर्तमान शिक्षण सत्र में लगभग 142 छात्र छात्राएं अध्ययनरत है , जिसमें एक शिक्षक नरेश कुमार प्राथमिक शाला में वर्तमान शिक्षण अध्ययनरत हैं। शिक्षा विभाग के

द्वारा जारी 2008 सेटअप के अनुसार 30 बच्चों में एक शिक्षक की नियुक्ति होना चाहिए। इस हिसाब से शाला में 5 शिक्षकों की पदस्थापना होनी चाहिए। लेकिन, कई वर्षों से सिर्फ तीन शिक्षक ही स्कूल में पदस्थ हैं। इसके कारण शिक्षकों को शाला संचालन में बच्चे, 7वीं में 59 व आठवीं में 49 बच्चे अध्ययनरत हैं। स्कूल के प्रभारी प्रधान पाठक गिरधारी पटेल ने बताया कि यहां पर कुल 3 शिक्षक बारिक कभी भी असमय छुट्टी में छात्र-छात्राएं चले जाते हैं। उक्त शिक्षक द्वारा छुट्टी के लिए आवेदन भी नहीं दिया

जाता। जिसके कारण वहां 2 शिक्षक के भरोसे ही स्कूल संचालित हो रहा है एवं 2 अतिरिक्त शिक्षक पंचायत द्वारा व्यवस्था में रखे हैं। जिसका खर्च पंचायत एवं वहां के प्रधानपाठक स्वयं वहन करते हैं। शाला विकास समिति के अध्यक्ष कुसुलाल पटेल एवं सरपंच गंगाप्रसाद भारद्वाज द्वारा लगातार

शिक्षक की व्यवस्था करने के लिए शिक्षा विभाग के अधिकारियों को आवेदन दिया गया, परंतु अभी तक शिक्षक की व्यवस्था नहीं हो पाई है।

पीने के पानी की समस्या से जूझ रहे विद्यार्थी वही मोहदा में एक ही परिसर पर दो स्कूल संचालित हो रहे है, एक प्राथमिक

शाला एवं उच्च प्राथमिक शाला जिसमे कुल 248 बच्चे अध्ययनरत है। जिनके पीने के पानी के लिए भारी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। यहां एक हैडपंप है, जिससे लाल पानी निकलता है, जो पीने योग्य नहीं है। केवल मध्यान्ह भोजन करने के पश्चात विद्यार्थी प्लेट धोने के उपयोग में लाते हैं। यहां पीने के लिए पानी पंचायत के निर्धारित समय में आता है जो स्कूल समय से अलग है। इस कारण पानी नहीं मिल पाता। टंकी में भरा पानी पीने योग्य नहीं रहता, जो सिर्फ रसोईयों द्वारा बर्तन धोने का काम आता है। वहीं जो बच्चे अपने पीने के लिए बाटल में पानी लेकर आते है, उसी से बच्चों का काम चलाते हैं।

इससे गाँव वालों में शिक्षा विभाग के प्रति भारी आक्रोश है।

दो प्राइवेट शिक्षक नियुक्त, पंचायत और शिक्षक वहन कर रहे

शासन-प्रशासन से लगातार नाम के बाद भी शिक्षकों को नियुक्ति नहीं हुई तो शिक्षकों की कमी को दूर करने पंचायत एवं शिक्षक द्वारा उच्च प्राथमिक शाला में संयुक्त रूप से पढ़ाई की व्यवस्था संभालने 2 प्रायवेट शिक्षकों को अल्प मानदेय में जुलाई माह से नियुक्त किया गया है। दो शिक्षकों का मानदेय 3-3 हजार के हिसाब से 6000 होता है, जिसमें पंचायत की ओर से 2000 रुपए दिया जाता है। बाकि 4000 को प्रधान पाठक एवं अन्य शिखक स्वयं वहन कर व्यवस्था में दो शिक्षक को रखे हुए हैं।

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काका खबरीलाल

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