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बुजुर्गों का सम्मान है भारतीय संस्कृति की पहचान : श्रीमती रूपकुमारी चौधरी

संसदीय सचिव ने बुजुर्गों के लिए शुरू किये गए “नेबरहुड वाच” कार्यक्रम का किया शुभारंभ

रायपुर। समाज कल्याण एवं महिला बाल विकास विभाग की संसदीय सचिव श्रीमती रूपकुमारी चौधरी आज यहाँ नवीन विश्राम गृह में आयोजित कार्यक्रम में राज्य शासन और स्वयं सेवी संस्था हेल्प एज इंडिया के द्वारा बुजुर्गों के लिए शुरू किये गए “नेबरहुड (पड़ोसी) वाच” कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। उल्लेखनीय है कि समाज कल्याण विभाग और हेल्प एज इंडिया के द्वारा यह कार्यक्रम आयोजित किया गया था। संसदीय सचिव श्रीमती रूपकुमारी चौधरी ने कहा कि बुजुर्गों का सम्मान करना भारतीय संस्कृति की पहचान रही है, और राज्य सरकार ने बुजुर्गों के हित को हमेशा ध्यान में रखते हुए उनके लिए योजनायें बनायी हैं, लेकिन बुजुर्गों के प्रति दुर्व्यवहार और हिंसा की घटनाएँ गंभीर चिंता का विषय हैं जिसे रोकना न केवल सरकार की बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की ज़िम्मेदारी है।

श्रीमती रूपकुमारी चौधरी ने पुलिस विभाग और हेल्प एज इंडिया द्वारा एक वर्ष पहले प्रारंभ किए गए “सिटिजन सेल” और आज से शुरू किए जा रहे “नेबरहुड (पड़ोसी) वाच” कार्यक्रम को एक उल्लेखनीय पहल बताते हुए कहा कि पुलिस विभाग की सराहना की उन्होंने कहा छत्तीसगढ़ में जिस तरह से सामाजिक सरोकार से जुड़े कार्यों में पुलिस विभाग ने संवेदनशीलता और सक्रियता से कार्य किया है जो काबिले तारीफ है। समाज कल्याण विभाग के विशेष सचिव आर प्रसन्ना ने भी छत्तीसगढ़ में पुलिस विभाग के इस कदम की सराहना की और समाज कल्याण विभाग और स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित टोल फ्री नंबर 104 सहित बुजुर्गों के लिए संचालित योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया की समाज कल्याण विभाग द्वारा अधिक से जरुरत मंद बुजुर्गों को पेंशन का लाभ दिलाने के लिए 2002 की सर्वे सूची की बाध्यता समाप्त कर दी गई है और जल्द ही ऐसे सभी बुजुर्गों को पेंशन योजनाओं का लाभ मिलेगा जो अब तक वंचित थे। समाज कल्याण विभाग के संचालक डॉ संजय अलंग ने बुजुर्गों के मनोरंजन और डे केयर के लिए संचालित बापू की कुटिया, सियान सदन और वृद्धाश्रमों की जानकारी दी। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ पुलिस के अपराध अन्वेषण विभाग (सी.आई.डी) के डीआईजी सुशील कुमार द्विवेदी ने नेबरहुड वाच कार्यक्रम और चौबीस घंटे संचालित सीनियर सिटिजन सेल की कार्य प्रणाली की जानकारी दी, और कहा कि पुलिस हर जगह मौजूद नहीं रह सकती इसलिए जरूरी है कि समाज में रहने वाले आम नागरिक आस पड़ोस में हो रही छोटी-छोटी घटनाओं पर निगरानी रखें। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस विभाग पूरी मुस्तैदी और संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रहा है विभाग द्वारा हेल्प एज के सहयोग से वरिष्ठ नागरिकों की सर्वे सूची भी तैयार की गयी है, ताकि उन्हें सेवा उपलब्ध करायी जा सके। उन्होंने कहा कि “पड़ोसी वाच कार्यक्रम” अकेले रहने वाले बुजुर्गों के लिए विशेष रूप से कारगर साबित होगा। उन्होंने अकेले रहने वाले बुजुर्गों के सहयोगी जैसे ड्राइवर, माली, घरेलु काम करने वालों के अनिवार्य सत्यापन की बात कही ताकि अप्रिय घटना से बचा जा सके। कार्यक्रम में प्रदेश के कोने-कोने से बुजुर्ग और प्रदेश भर में पुलिस विभाग के सिटीजन सेल के प्रभारी अधिकारी कर्मचारी भी शामिल हुए।

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Devesh Hindustani

Reporter of kakakhabarilaal

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