
महासमुन्द : विधायक विमल चोपड़ा पर लाठीचार्ज, हुए लहू लुहान, आज होग जिला बंद
छत्तीसगढ़ के निर्दलीय विधायक चोपड़ा बोले कोई सुनवाई नहीं हुई तो विधानसभा में दे देंगे इस्तीफा।
प्रकाश सिन्हा, रायपुर/महासमुंद. छत्तीसगढ़ के महासमुंद विधानसभा के निर्दलीय विधायक डॉक्टर विमल चोपड़ा एक बार फिर से सुर्खियों में आ गए हैं। महिला खिलाड़ियों के साथ हुई छेड़खानी का विरोध करने पहुंचे विधायक पर पुलिस इस कदर नाराजगी हुई कि सामने में खड़े विधायक तक को नहीं छोड़ा गया। लाठीचार्ज में विधायक विमल चोपड़ा लहूलुहान हो गए। जिसके विरोध में महासमुन्द को आज बंद करने की बात एक सोशल मीडिया ग्रुप के माध्यम से जानकारी मिल रही है।

क्या है पूरा मामला
मिली जानकारी के अनुसार मिनी स्टेडियम में महिला खिलाड़ी प्रैक्ट्रिस कर रहे थे। वहां के युवकों ने मैदान में घुसकर खिलाड़ियों से दुर्व्यवहार किया। खिलाड़ियों ने अपने संघ के पदाधिकारी अंकित लुनिया को इसकी सूचना दी। अंकित ने कोतवाली थाने में रिपोर्ट लिखाने गए। जहां पुलिस वालों ने उनकी शिकायत नहीं ली और दुर्व्यवहार करके भगा दिया। उल्टा उनके खिलाफ ही केस दर्ज कर दी। अंकित ने इसकी जानकारी विधायक विमल चोपड़ा को दी। विधायक खिलाड़ियों को लेकर शिकायत करने पहुंचे। जहां सब इंस्पेक्टर समीर डुंमडुम ने उन्हें भीतर जाने नहीं दिया। उन्हें पहचानने से भी इनकार कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर आईपीएस उदय किरण मौके पर पहुंचे। उन्होंने भी विधायक से दुर्व्यवहार करने की ख़बर मिली है।


विधायक और प्रदर्शनकारी हुए लहूलुहान
पुलिस और विधायक के बीच एक बार फिर खूनी चेहरा सामने आया है. जहां जिले के निर्दलीय विधायक डॉ. विमल चोपड़ा और उनके समर्थकों पर बर्बारता पूर्वक लाठी चार्ज किया है.इस लाठी चार्ज के दौरान विधायक के सिर पर गंभीर चोट आई है. उनके बदन में लाठी के निशान पड़ गए है. वही प्रदर्शनकारियों के हाथ पैर पर गंभीर चोट आई है. जिससे वो गंभीर रुप घायल होने की सूचना मिल रही है। हो गए है. जिन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती किया गया है.

पुलिस कर्मियों को भी आई चोट, लगा धारा 144
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान महासमुंद पुलिस कर्मियों पर भी प्रदर्शनकारियों का गुस्सा जमकर फूटा है. एफआईआर दर्ज किए जाने की मांग को लेकर विधायक और विधायक समर्थकों को थाने से हटाने धारा 144 लगवा दी गई थी। बावजूद इसके जब प्रदर्शनकारी नहीं हटे तो पुलिस ने बल प्रयोग किया. पुलिस कर्मियों का आरोप है कि पहले विधायक समर्थकों की ओर से पत्थरबाजी की गई, जिसमें डीएसपी विनोद मिंज, एसआई संदीप मांडले, एसआई वीणा साहू, आरक्षक ज्ञान सिंह सिदार, आरक्षक विजय साहू और आरक्षक ललित पनागर को चोटें आई हैं.

























