
विजय चौहान@भंवरपुर (काकाखबरीलाल)। भंवरपुर क्षेत्र के दूरस्थ वनांचल गांव रंगमटिया, चनाट, गढ़गांव क्षेत्र में अघोषित बिजली कटौती और लो वोल्टेज के कारण पानी की कमी होने से खेतों में दरारें पड़ने लगी है और सैकड़ों एकड़ फसल मरने की कगार पर है। प्राप्त जानकारी के अनुसार रबी में लगाए धान, गेहूं सहित दलहन तिलहन की फसल के लिए पर्याप्त पानी न मिलने के कारण किसान फसल को बचाने में नाकाम साबित हो रहे हैं और पानी के अभाव में धान मुरझाने लगे हैं। अघोषित बिजली कटौती से परेशान होकर किसान बिजली विभाग कभी चक्कर लगा रहे हैं लेकिन विभाग द्वारा किसानों की समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है जिससे किसानों में आक्रोश है। वहीं दुसरी तरफ लो वोल्टेज के चलते बोर मोटर और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी खराब हो रहे हैं इससे किसानों को दोहरी आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। पानी की कमी से खेतों में दरारें पड़ रही हैं जिससे खेत को छोड़ने मजबूर हो रहे हैं । रंगमटिया, कटेल, गढ़गांव, बिलखंड आदि गांवों के किसान मुक्तेश्वर बरिहा, श्यामलाल कलेत, हरिहर पटेल, बालमुकुंद पटेल, धनसिंह, मेघनाथ, जगदीश, सुदर्शन, साधुराम, गणेशराम , संतराम, मेहतर यादव, रामशिला यादव, बसंत नायक, जोगिंदर नायक, पंचराम, सुखराम, संतकुमार, नरेंद्र, भीमानंद पटेल आदि ने बताया कि विगत 15 दिनों से अघोषित बिजली कटौती के कारण वे परेशान हैं । बिजली कटौती से खेतों में पानी भी पर्याप्त मात्रा में नहीं दे पा रहे हैं, कुछ देर ट्यूबेल चलने के बाद कटौती हो जाती है और दोबारा जब लाइट चालू होती है तब तक खेतों में दिया गया पानी सूख जाता है। किसानों को पुनः उसके आगे के धान की सिंचाई के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है। ट्यूबवेल में पर्याप्त पानी होने के बावजूद भी किसानों को अपना एक खेत की सिंचाई करने में करने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। जो किसान कई एकड़ में धान फसल लगाएं हैं उन्हें अपने रबी फसल को बचाने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। किसानों के खेतों में पानी पर्याप्त नहीं दे पाने के कारण खेतों में दरारें पड़ने शुरू हो गई हैं, जिससे खेत को उसी हालत में छोड़ना शुरू कर दिया है। किसानों ने बताया कि विद्युत वितरण केंद्र पिरदा में जाकर अपनी समस्या बता चुके हैं लेकिन उनकी समस्या पर विभाग के अधिकारी कर्मचारियों द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा है जिसके चलते वे काफी परेशान हैं। किसानों ने बताया कि अगर बिजली विभाग द्वारा अघोषित कटौती का निराकरण नहीं किया जाता है तो किसानों का पूरा फसल मर जाएगा और कोई भी किसान धान को नहीं बचा पाएगा। इस समस्या के कारण किसानों में बिजली विभाग के प्रति आक्रोश पनपने लगा है और आगामी दिनों में बड़े आंदोलन के संकेत भी मिल रहे हैं । इस संबंध में भंवरपुर जेई दिलेश्वर दीवान से संपर्क किया गया लेकिन संपर्क नहीं हो सका।





























