महासमुंद : ज़िला प्रभारी सचिव नीति आयोग निधि छिब्बर ने प्रगति की समीक्षा की

पैरामीटर में न्यूट्रिशन में और ज्यादा काम करने की जरूरत है। इसकी पूरी योजना बनाकर और तेजी से काम किया जाए। शासन द्वारा योजनाएं लोगों के हित के लिए बनायी जाती हैं।स्वास्थ्य एवं पोषण के क्षेत्र में उत्कृष्ट परिणाम लाने के लिए स्वास्थ्य विभाग तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को समन्वय बनाकर बेहतर कार्य करने कहा गया। उन्होंने कहा महिलाओं बच्चों में एनीमिया दूर करने के लिए मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के तहत पौष्टिक गरम भोजन वितरण के समय हितग्राहियों को आयरन फोलिक एसिड की टेबलेट खिलाया जाए। सभी गर्भवती माताओं का शत प्रतिशत पंजीयन एवं संस्थागत प्रसव, हीमोग्लोबिन की जांच, आंगनबाड़ी में पात्र गर्भवती महिलाओं को गरम भोजन मिलता रहे यह सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि आकांक्षी जिला के सूचकांकों में महासमुंद जिले में अच्छा कार्य किया जा रहा है। इसके लिए जिला प्रशासन एवं अन्य विभागों द्वारा सतत रूप से नवाचार अपनाकर कार्य कर रहें है। इससे निश्चित रूप से शत प्रतिशत उपलब्धि हासिल होगी।
उन्होंने जैविक खेती एवं फसल चक्र अपनाने के लिए किसानों को प्रेरित करने पर जोर देते हुए कहा कि इससे किसानों के फसलों की उपज में बढ़ोत्तरी के साथ-साथ आय में भी वृद्धि होगी। अधिकारियों ने बताया कि महासमुंद जिले में कृषि एवं जल संसाधन विभाग को नीति आयोग द्वारा सितंबर माह में पशुधन में बेहतर कार्य जैसे टीकाकरण, कृत्रिम गर्भधान एवं पशुओं में पशुधन की उच्च प्रगति के लिए दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है। इसका मुख्य कारण यहां के नागरिकों की जागरूकता एवं शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा पशुपालकों के साथ बेहतर समन्वय रहा है। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा कुपोषण दूर करने के संबंध में भी जानकारी दी गई। साथ ही आंगनबाड़ी केन्द्रों की व्यवस्थाएं, स्वच्छता, पेयजल के संबंध में भी विस्तार से बताया गया। बैठक मैं यह भी बताया गया कि जिला प्रशासन द्वारा नवाचार करते हुए मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के तहत हितग्राहियों को छह माह से तीन वर्ष के 10768 बच्चों एवं 15 से 49 वर्ष की 15 हजार से अधिक एनीमिक महिला हितग्राहियों को सप्ताह में तीन दिन आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से गरम भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। इसी तरह राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र माने जाने वाले कमार जनजाति बाहुल्य क्षेत्र के 77 पंचायतों की आंगनबाड़ी केंद्रों में हितग्राहियों को सप्ताह में तीन दिन उबला अंडा खिलाया जाता है। इसी तरह शिक्षा के क्षेत्र में कोविड महामारी के दौरान सीखने की कमी को दूर करने के लिए पढ़ाई तुंहर दुआर अंगना में शिक्षा कार्यक्रम कोचिंग तुंहर दुआर स्मार्ट क्लास शुरू की गई थी। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए नवकिरण अकादमी का गठन, आइटीआई के साथ समन्वय स्थापित कर रोजगारोन्मुखी व्यावसायिक शिक्षा, गुड मार्निंग महासमुंद जैसे अन्य विभागों में भी नवाचार अपनाए गए है।
निधि छिब्बर ने बैठक के बाद ज़िला चिकित्सालय पहुँच कर पोषण पुनर्वास केंद्र का अवलोकन कर व्यवस्था का जायज़ा लिया। उन्होंने कहा निर्माणाधीन पोषण पुनर्वास केंद्र की प्रगति देगी। जल्द पूरा करने कहा ।


























