छत्तीसगढ़

शान्ति बाई ने दीया – श्रीफल से किया गृह प्रवेश

संघर्षों से भरा जीवन जी रही कोरिया जिले के ग्राम गिरजापुर की श्रीमती शांति बाई के लिए अपना पक्का मकान कभी एक सपना था। लेकिन प्रधानमंत्री आवास योजना ने उनके जीवन को एक नई दिशा दी और उन्हें वह खुशी प्रदान की, जो उन्होंने वर्षों से चाही थी।

स्वर्गीय धर्मपाल की पत्नी श्रीमती शांति बाई, जिन्होंने वैधव्य के साथ जीवन में अनेक कठिनाइयों का सामना किया, अपनी पूरी ताकत से परिवार का पालन- पोषण करती रही हैं। उनके दो बच्चे और आठ सदस्यीय परिवार की आजीविका मुख्यतः कृषि पर निर्भर है। बरसों से कच्चे मकान में रह रही शांति बाई पक्के घर की चाह में थीं, लेकिन सीमित संसाधनों ने उनके इस सपने को साकार होने नहीं दिया।

आशा की किरण बनी प्रधानमंत्री आवास योजना
वर्ष 2024 में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत श्रीमती शांति बाई को मकान निर्माण के लिए अनुदान प्राप्त हुआ। इस योजना ने उनकी उम्मीदों को नया पंख दिया। योजना के तहत मिली आर्थिक सहायता का सही उपयोग करते हुए उन्होंने तेजी से अपने मकान का निर्माण कार्य पूरा किया।

गृह प्रवेश: सपने का पूरा होना
गृह प्रवेश का दिन श्रीमती शांति बाई के लिए एक भावुक और ऐतिहासिक क्षण था। जनपद पंचायत बैकुंठपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अलेक्जेंडर पन्ना ने ग्राम पंचायत सरपंच और ग्रामीणों की उपस्थिति में शांति बाई को उनके नए पक्के मकान की चाबी सौंपी। गृह प्रवेश के दौरान उनके चेहरे पर संतोष और खुशी के भाव छलक रहे थे। उन्होंने थाली में दीया, कुमकुम, पीले चावल और श्रीफल से गृह प्रवेश किया। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और श्री विष्णु देव साय सरकार को प्रधानमंत्री आवास मिलने पर धन्यवाद दिया।

शांति बाई ने कहा, ’’प्रधानमंत्री आवास योजना ने मेरे जैसे जरूरतमंदों को जीने की नई राह दी है। अब मेरे पास अपना पक्का मकान है, जो मुझे सामाजिक सुरक्षा और सम्मान का अहसास कराता है। अब मैं और मेरा परिवार शांति और सुकून के साथ जीवन बिता सकेंगे।ष् आज श्रीमती शांति बाई का परिवार अपने पक्के मकान में सुकून और गरिमा के साथ रह रहा है और यह उनकी मेहनत, संघर्ष और सरकार की सहायता का साकार रूप है’’।

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काका खबरीलाल

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