समस्याओं के निराकरण के लिए सौंपा गया ज्ञापन शासकीय कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने की विधायक से मुलाकात

महासमुंद (काकाखबरीलाल)। वेतनमान सहित अन्य समस्याओं को लेकर छत्तीसगढ़ लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने विधायक विनोद सेवनलाल चंद्राकर से मुलाकात की। जिस पर विधायक श्री चंद्राकर ने उनकी समस्याओं के निराकरण के लिए शासन का ध्यान आकर्षित कराने का आश्वासन दिया।
कर्मचारी संघ के पदाधिकारी सीके तिवारी, केके चंद्राकर, एलआर तारम, संदीप तिवारी, रोहित ध्रुव व आदित्य अग्रवाल ने शनिवार को विधायक निवास पहुंचकर विधायक श्री चंद्राकर से मुलाकात की। पदाधिकारियों ने विधायक श्री चंद्राकर को बताया कि राज्य निर्माण के बाद से लिपिक संवर्गों के वेतनमानों में निरंतर क्षरण को दूर करने तथा लिपिक वर्गीय कर्मचारियों के सामान्य हितों का संरक्षण करने के लिए उनका संघ निरंतर संघर्ष कर रहा है। लिपिक संवर्गों के वेतनमान के निराकरण के लिए उच्च स्तरीय समिति गठित की गई है। समिति द्वारा अनुशंसित अनेक संवर्गों के वेतनमानों का उन्नयन कर निराकरण किया गयाहै किंतु जिस संवर्ग के लिए समिति का गठन किया गया है, समिति द्वारा अनुशंसा के पश्चात भी लिपिकों के वेतनमानों में उन्नयन नहीं किया गया है। उक्त समिति द्वारा जिन संवर्गों के वेतनमान के उन्नयन के लिए अनुशंसा नहीं भी की गई थी उन संवर्गों के वेतनमानों का उन्नयन शासन द्वारा किया जा चुका है। जिसके कारण लिपिक संवर्ग में कुंठा व निराशा का वातावरण निर्मित हो रहा है। उन्होंने बताया कि शासकीय कार्यालयों में लिपिक के कार्य विभिन्न प्रकार के होते हैं। महत्वपूर्ण अभिलेख भी लिपिक के पास धरोहर के रूप में होते हैं। उसकी सुरक्ष्ज्ञा का उत्तरदायित्व लिपिकों पर होता है। कभी-कभी राष्ट्रीय महत्व के कार्य जैसे निर्वाचन, जनगणना, आवश्यक योजनाओं के दस्तावेज भी रहते हैं, इसकी गोपनीयता भंग न हो इसकी जिम्मेदारी भी लिपिकों की होत है। लिपिकों को अपने कार्य से संबंधित कानून व नियमों का पर्याप्त ज्ञान होना आवश्यक है। सहायक ग्रेड तीन, जो प्रशासन के ढांचे की प्रथम सीढ़ी है, जिसका अनुत्तरदायी होना पूरे प्रशासन के लिए सही नहीं कहा जा सकता है। उन्होंने उनकी समस्याओं के निराकरण करने की मांग की। जिस पर विधायक श्री चंद्राकर ने उनकी समस्याओं की ओर शासन का ध्यान आकर्षित कराने का आश्वासन दिया है।



























