सरायपाली

सरायपाली में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे का खेल: झिलमिला में 1.89 एकड़ शासकीय भूमि पर अवैध निर्माण का आरोप, कलेक्टर जनदर्शन में शिकायत

 

  • ​पूर्व कार्यकाल में 2 करोड़ की लागत से स्वीकृत ‘पुष्प वाटिका’ को सत्ता बदलते ही किया गया था निरस्त
  • ​भविष्य के बड़े शासकीय प्रोजेक्ट्स के लिए सुरक्षित भूमि पर खुलेआम निर्माण का खेल
  • ​हरदीप सिंह रैना ने जनदर्शन में साक्ष्यों के साथ दर्ज कराई  शिकायत

सरायपाली/महासमुंद। सरायपाली नगर में शासकीय भूमि पर अवैध कब्जे को लेकर पूर्व पदाधिकारी हरदीप सिंह रैना ने एक सरकारी कर्मचारी पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए मोर्चा खोल दिया है। श्री रैना का सीधा आरोप है कि तहसील प्रशासन द्वारा जिस भूमि का आधिपत्य नगर पालिका को सौंपा जा चुका है, उस बेशकीमती जमीन पर एक शासकीय कर्मचारी द्वारा अपने पद और रसूख का दुरुपयोग करते हुए अवैध निर्माण कराया जा रहा है। इस मामले को लेकर उन्होंने महासमुंद कलेक्टर जनदर्शन में लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए तत्काल दखल देने की मांग की है।

रैना का दावा: पालिका के आधिपत्य वाली जमीन पर पक्का निर्माण शिकायतकर्ता हरदीप सिंह रैना के अनुसार, ग्राम झिलमिला (प.ह.नं. 13, रा.नि.म. सरायपाली) स्थित खसरा नंबर 96/1/क, रकबा 1.89 एकड़, राजस्व रिकॉर्ड में छत्तीसगढ़ शासन के नाम दर्ज है। उन्होंने बताया कि तहसील प्रशासन द्वारा पूर्व में ही इस पूरी जमीन का आधिपत्य विधिवत रूप से नगर पालिका सरायपाली को सौंपा जा चुका है। श्री रैना ने आरोप लगाया कि इसके बावजूद संबंधित शासकीय कर्मचारी नियमों को ताक पर रखकर इस सरकारी जमीन पर पक्का निर्माण कार्य करा रहा है।

‘मेरे कार्यकाल में स्वीकृत 2 करोड़ की उद्यान वाटिका को राजनीतिक दुर्भावना से किया गया निरस्त’ हरदीप सिंह रैना ने प्रशासन के समक्ष पक्ष रखते हुए कहा कि उनके तत्कालीन कार्यकाल में नगरवासियों की सुविधा और पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से इसी स्थल पर 2 करोड़ रुपये की लागत से भव्य ‘उद्यान वाटिका’ स्वीकृत कराई गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में सत्ता परिवर्तन होते ही राजनीतिक द्वेष और दुर्भावना के तहत इस जनहितकारी परियोजना को निरस्त कर दिया गया। रैना का कहना है कि अब इसी जमीन को लावारिस समझकर हड़पने की नीयत से शासकीय कर्मी द्वारा अवैध निर्माण किया जा रहा है।

‘भविष्य के विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं के लिए सुरक्षित रहे जमीन’ श्री रैना ने चेताया कि यह भूमि शहर के भविष्य और विस्तार की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। आगामी समय में शासन की कई बड़ी जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों के लिए इस जमीन का उपयोग किया जा सकता है। यदि आज इस पर अवैध कब्जा होने दिया गया, तो भविष्य में शासकीय योजनाओं के लिए जमीन का संकट खड़ा हो जाएगा।

दस्तावेजों के साथ निष्पक्ष जांच और ध्वस्तीकरण की मांग कलेक्टर जनदर्शन में  शिकायत सौंपते हुए हरदीप सिंह रैना ने संबंधित खसरा व नक्शे के दस्तावेज प्रस्तुत किए हैं। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले के अभिलेखों की निष्पक्ष जांच कराई जाए, मौके पर चल रहे अवैध निर्माण को तत्काल ध्वस्त किया जाए और सरकारी जमीन पर कब्जा करने वाले शासकीय कर्मचारी के खिलाफ सख्त कानूनी व विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।

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