महासमुंद:चक्रवात की आशंका पर जिला प्रशासन अलर्ट, 24 घंटे सक्रिय रहेगा कंट्रोल रूम

महासमुंद। अर्नब चक्रवात की आशंका को देखते हुए महासमुंद जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। मौसम विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार 27 से 29 अक्टूबर तक चक्रवात का प्रभाव पड़ने की संभावना को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने सभी विभागों को सतर्क रहने और आवश्यक एहतियाती तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि संभावित आपदा के दौरान जनहानि और पशुहानि को रोकना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
कलेक्टर ने समय-सीमा की बैठक में स्वास्थ्य, पुलिस, विद्युत सहित सभी संबंधित विभागों को आवश्यक तैयारियां रखने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य विभाग को आपात स्थिति से निपटने के लिए रैपिड रिस्पांस टीम गठित कर तैयार रखने, पुलिस विभाग को सतर्क रहने तथा विद्युत विभाग को संभावित व्यवधानों से निपटने के लिए जरूरी इंतजाम करने को कहा गया है। इसके अलावा एसडीआरएफ और होमगार्ड के जवानों को भी आवश्यकता के अनुसार तैनात रखने तथा सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया गया।
24 घंटे सक्रिय रहेगा जिला स्तरीय कंट्रोल रूम
आपदा से संबंधित सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान और राहत कार्यों के समन्वय के लिए जिला स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। यह कंट्रोल रूम 24 घंटे सक्रिय रहेगा। किसी भी आपात स्थिति में नागरिक 07723-223305 पर संपर्क कर सकते हैं। कलेक्टर ने सभी तहसीलों में भी कंट्रोल रूम स्थापित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि स्थानीय स्तर पर प्राप्त सूचनाओं पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।
गांवों और शहरों में मुनादी कराने के निर्देश
संभावित चक्रवात को देखते हुए ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में नागरिकों तक समय पर आवश्यक जानकारी पहुंचाने के लिए कोटवारों के माध्यम से मुनादी कराने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर ने सभी विभागों को अपने स्तर पर आवश्यक संसाधन, कर्मचारियों और राहत एवं बचाव दलों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके।
कलेक्टर की अपील—सतर्क रहें, सुरक्षित रहें
कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने जिलेवासियों से आगामी तीन दिनों तक विशेष सावधानी बरतने और अत्यंत आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलने की अपील की है। उन्होंने नागरिकों से मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों को गंभीरता से लेने की बात कही। किसी भी आपात स्थिति में घबराने के बजाय तत्काल संबंधित कंट्रोल रूम को सूचना देने की अपील भी की गई है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि संभावित चक्रवात के मद्देनजर स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और नागरिकों की सुरक्षा के लिए आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।






























