वीरेंद्र नगर इंग्लिश मीडियम प्राइमरी स्कूल में धूमधाम से मनाया गया बैगलेस डे

सरायपाली@काकाखबरीलाल। वीरेंद्र नगर इंग्लिश मीडियम प्राइमरी स्कूल, सरायपाली में बैगलेस डे का आयोजन विशेष उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए राखी बनाओ और ड्राइंग पेंटिंग प्रतियोगिता में भाग लिया। रंग-बिरंगे राखियों और आकर्षक चित्रों ने समूचे स्कूल परिसर को जीवंत कर दिया।
सुबह से ही स्कूल में उत्साह का माहौल छाया हुआ था। बच्चे नए-नए विचारों और रचनात्मकता से ओतप्रोत थे। राखी बनाओ प्रतियोगिता में बच्चों ने अपनी कलात्मकता का परिचय देते हुए विभिन्न प्रकार की राखियाँ बनाईं। कुछ बच्चों ने मोतियों और धागों से, तो कुछ ने कागज़ और रंगों से मनमोहक राखियाँ तैयार कीं। वहीं, ड्राइंग पेंटिंग प्रतियोगिता में बच्चों ने अपनी कल्पनाशीलता का प्रदर्शन करते हुए अद्भुत चित्र बनाए। प्रकृति के सौंदर्य से लेकर देशभक्ति के भाव तक, बच्चों के चित्रों ने विविध विषयों को दर्शाया।
प्रतियोगिता में बच्चों के उत्साह और जोश को देखकर सभी शिक्षक और अभिभावक अभिभूत हो गए। सभी प्रतिभागियों को पूर्व एसएमसी अध्यक्ष शाहजहां जी द्वारा पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
इस कार्यक्रम में प्रधान पाठक (हिंदी मीडियम) श्रीमती सिंधु प्रधान, प्रधान पाठक श्रीमती रींकी नंदे, शिक्षिका श्रीमती ज्योति प्रधान, शिक्षक श्री खिरोद्र कुमार साहू, और श्री रीवाराम वर्मा का विशेष योगदान रहा। इन सभी शिक्षकों ने बच्चों को प्रोत्साहित किया और उनकी प्रतिभा को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। एसएमसी के पूर्व अध्यक्ष शाहजहां जी की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भी यादगार बना दिया।
विद्यालय के शिक्षक डॉ लेख रंजन बी पात्रो ने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में रचनात्मकता और कलात्मक प्रतिभा को बढ़ावा देना था। उन्होंने कहा कि बैगलेस डे बच्चों के लिए एक मज़ेदार और सीखने का अवसर होता है। इस दिन बच्चे अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित करते हैं और एक-दूसरे से सीखते हैं। डॉ पात्रो ने बताया कि भविष्य में भी इस तरह के कार्यक्रम आयोजित होते रहेंगे, जिससे बच्चों का सर्वांगीण विकास हो सके।
यह कार्यक्रम बच्चों के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव रहा। बच्चों ने न केवल अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, बल्कि एक-दूसरे के साथ मिलकर काम करने का भी अवसर प्राप्त किया। इस कार्यक्रम ने स्कूल के माहौल को और भी जीवंत और प्रेरक बना दिया।



























