पीएम कुसुम योजना में सब्सिडी दिलाने के नाम पर किसान से लाखों रुपये की ठगी

बरमकेला। प्रधानमंत्री कुसुम योजना के तहत सोलर पैनल और पंप लगवाने के लिए सब्सिडी दिलाने का झांसा देकर एक किसान से 8 लाख 51 हजार 275 रुपये 76 पैसे की ठगी करने का मामला सामने आया है। पीड़ित किसान की शिकायत पर बरमकेला पुलिस ने दो मोबाइल नंबरों के धारकों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम मेडरा निवासी जगतराम पटेल (42 वर्ष) खेती-किसानी का काम करते हैं। उनके मुताबिक, 24 सितंबर 2026 को उनके मोबाइल पर एक व्यक्ति का फोन आया। उसने अपना नाम कुलविंदर सिंह राजपूत बताते हुए खुद को प्रधानमंत्री कुसुम योजना का कर्मचारी बताया और सोलर पैनल व पंप के लिए सब्सिडी दिलाने का भरोसा दिया। इसके बाद 25 सितंबर को दोबारा फोन कर फॉर्म भरने के नाम पर कंपनी का स्कैनर भेजा गया। किसान ने शुरुआत में अपनी पत्नी के खाते से फोन-पे के माध्यम से रकम भेजी।
इसके बाद 29 सितंबर को सोनू भीम नाम के व्यक्ति ने व्हाट्सएप कॉल कर बताया कि सोलर पैनल और पंप का सामान लोड हो रहा है तथा वह उसे लेकर आएगा। आरोप है कि दोनों मोबाइल नंबरों के धारक अलग-अलग बहाने बनाकर लगातार रकम मांगते रहे। कभी जीएसटी, कभी एनओसी तो कभी अन्य औपचारिकताओं के नाम पर किसान से पैसे जमा करवाए गए।
जगतराम पटेल के अनुसार, 25 सितंबर से 18 अक्टूबर 2026 तक उन्होंने अपनी पत्नी के बैंक खाते तथा अपनी मां के साथ संयुक्त खाते से फोन-पे के जरिए अलग-अलग स्कैनर पर कई बार रकम भेजी। इस तरह कुल 8,51,275.76 रुपये जमा करा दिए। जब उन्हें ठगी का एहसास हुआ, तो उन्होंने साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई और बरमकेला थाने में लिखित आवेदन प्रस्तुत किया।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर कुलविंदर सिंह राजपूत और सोनू भीम नाम से जुड़े मोबाइल नंबरों के धारकों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 319(2) एवं 3(5) के तहत अपराध दर्ज किया है। मामले की जांच जारी है।
पुलिस की अपील: सरकारी योजनाओं के नाम पर सब्सिडी दिलाने का दावा करने वाले अनजान लोगों पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। किसी भी व्यक्ति को सत्यापन किए बिना पैसे न भेजें और साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।





























