महासमुंद:साइबर ठगी का नया तरीका! च्वाइस सेंटर संचालक से धोखाधड़ी, दो बैंक खाते हुए होल्ड

महासमुंद। जिले में साइबर ठगी का पैसा च्वाइस सेंटर संचालकों के बैंक खातों में डलवाकर नकदी रकम लेने का मामला सामने आया है। बिरकोनी स्थित दीवान डिजिटल सेवा केंद्र के संचालक त्रिलोक कुमार दीवान (36 वर्ष) ने एक अज्ञात एक्टिवा सवार व्यक्ति के खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के आधार पर सिटी कोतवाली महासमुंद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 317(4) एवं 318(4) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू कर दी है।
क्यूआर कोड और यूपीआई के जरिए मंगवाई रकम
पुलिस को दिए गए आवेदन के अनुसार, त्रिलोक कुमार दीवान ग्राम बिरकोनी में एनएच-53 मुख्य मार्ग पर छत्तीसगढ़ कपड़ा मार्केट के बाजू में दीवान डिजिटल सेवा केंद्र का संचालन करते हैं। उन्होंने बताया कि 29 सितंबर 2026 को दोपहर करीब 1:43 बजे नीले रंग की एक्टिवा क्रमांक CG 04 MH 4061 में सवार एक व्यक्ति उनके केंद्र पहुंचा। उसने अपने मालिक से पैसे मंगवाने की बात कहते हुए कहा कि उसके खाते में लोन की राशि कट जाएगी, इसलिए वह दूसरे के खाते में रकम डलवाना चाहता है।
इसके बाद आरोपी ने च्वाइस सेंटर के क्यूआर कोड की तस्वीर अपने मोबाइल से खींचकर किसी अन्य व्यक्ति को भेज दी। क्यूआर कोड के माध्यम से रकम नहीं आने पर उसने संचालक से दूसरा क्यूआर कोड मांगा। बाद में संचालक के आईडीएफसी फर्स्ट बैंक खाते से जुड़े गूगल पे नंबर पर 16 हजार रुपये मंगवाए।
नकद 16 हजार रुपये लेकर हुआ रवाना
शिकायतकर्ता के मुताबिक, उसके पास पहले से 13 हजार रुपये नकद थे। वह आरोपी के साथ पास के एसबीआई एटीएम पहुंचा, लेकिन आईडीएफसी बैंक के एटीएम कार्ड से रकम नहीं निकल पाई। इसके बाद उसने अपने दूसरे एसबीआई खाते से जुड़े फोन-पे यूपीआई के माध्यम से 10 हजार रुपये ट्रांसफर किए और एटीएम से निकालकर आरोपी को दिए। इस तरह आरोपी को कुल 16 हजार रुपये नकद दिए गए। इसके बदले आरोपी ने उसे सर्विस चार्ज के रूप में 150 रुपये भी दिए और वहां से चला गया।
दोनों बैंक खाते हुए होल्ड
त्रिलोक दीवान के अनुसार, 30 सितंबर को उनके आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और भारतीय स्टेट बैंक के दोनों खाते होल्ड हो गए। बैंक में जानकारी लेने पर पता चला कि उनके खातों में साइबर फ्रॉड से संबंधित रकम आने के कारण यह कार्रवाई की गई है। इससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अन्य च्वाइस सेंटर संचालकों को भी बनाया निशाना
शिकायतकर्ता ने बताया कि बाद में च्वाइस सेंटर संचालकों के व्हाट्सऐप ग्रुप के माध्यम से जानकारी मिली कि महासमुंद निवासी मोहन लाल देवांगन, तुमगांव निवासी रामसिंग सेवई और खैरझिटी निवासी चेतन कुमार गायकवाड़ के साथ भी इसी तरह धोखाधड़ी की गई है। शिकायत के अनुसार, आरोपी अलग-अलग च्वाइस सेंटर संचालकों के खातों में साइबर फ्रॉड की रकम डलवाकर उनसे नकदी ले रहा था, जिसके बाद संबंधित खातों के होल्ड होने की जानकारी सामने आई।
फिलहाल पुलिस ने मामले में अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपी की पहचान और पूरे नेटवर्क के संबंध में जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।






























