छत्तीसगढ़

डिजिटल पहल से बदली किसान रामसाय की जिंदगी, एग्रीस्टेक बना सहारा

Chhattisgarh के Narayanpur जिले के छोटे से गांव ऊंचाकोट, ग्राम पंचायत भरण्डा के किसान रामसाय कवाड़े के चेहरे पर आज अलग ही सुकून और मुस्कान है। कुछ समय पहले तक खेती-किसानी के काम से ज्यादा उन्हें इस बात की चिंता सताती थी कि सहकारी समिति से खाद-बीज कैसे मिलेगा, फसल बेचने के लिए किन दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ेंगे और सरकारी योजनाओं का लाभ उन तक कैसे पहुंचेगा।
लेकिन अब डिजिटल इंडिया और Government of Chhattisgarh की डिजिटल कृषि पहल “एग्रीस्टेक” ने उनकी इन तमाम परेशानियों को दूर कर दिया है। यह पहल रामसाय जैसे हजारों किसानों के लिए राहत बनकर सामने आई है।
हाथ में आई Farmer ID, आसान हुई खेती की राह
रामसाय बताते हैं कि पहले हर सीजन में खाद-बीज खरीदी और फसल बेचने की प्रक्रिया काफी जटिल होती थी। घंटों कतारों में लगना और कागजी प्रक्रिया पूरी करना उनके लिए बड़ी परेशानी थी।
अब एग्रीस्टेक पोर्टल पर सफल पंजीयन के बाद उन्हें एक विशिष्ट Farmer ID मिल चुकी है। इससे उनकी खेती-किसानी से जुड़ी सभी जानकारियां ऑनलाइन दर्ज हो गई हैं। रामसाय कहते हैं कि अब खाद वितरण, फसल पंजीयन और शासकीय योजनाओं का लाभ लेने में किसी तरह की परेशानी नहीं होती।
उन्होंने इस सुविधा के लिए Vishnu Deo Sai का आभार व्यक्त किया है।
घर बैठे चुटकियों में हुआ पंजीयन
रामसाय ने घर बैठे ही cgfr.agristack.gov.in⁠� पर लॉगइन किया। मोबाइल पर आए OTP सत्यापन के जरिए पंजीयन किया और अपनी व्यक्तिगत जानकारी, बैंक खाता, भूमि विवरण तथा फसल संबंधी जानकारी दर्ज की। दस्तावेज सत्यापन पूरा होते ही उन्हें उनकी Farmer ID प्राप्त हो गई।
पंजीयन के लिए जरूरी दस्तावेज
कृषि विभाग के अनुसार एग्रीस्टेक पोर्टल किसानों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की आधुनिक व्यवस्था है। पंजीयन के लिए इन दस्तावेजों की आवश्यकता होती है—
आधार कार्ड
आधार से लिंक सक्रिय मोबाइल नंबर
बैंक पासबुक
भूमि रिकॉर्ड (खसरा / बी-1)
यह पहल किसानों के लिए पारदर्शी, सरल और समय बचाने वाली व्यवस्था साबित हो रही है।

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काका खबरीलाल

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