बिना बताए डेढ़ माह से नदारद है स्टॉफ नर्स, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पाटसेंद्री का मामला

काकाखबरीलाल,सरायपाली। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पाटसेंद्री में पदस्थ एक स्टॉफ नर्स लगभग डेढ़ माह से नदारद है. इसकी जानकारी विभागीय अधिकारियों को होने के बावजूद भी उनके द्वारा न तो अभी तक नोटिस भेजा गया है और न ही उसके जगह पर कोई वैकल्पिक व्यवस्था की गई है. जिसके चलते वहां पदस्थ ए एनएम को अतिरिक्त समय देकर ड्यूटी करनी पड़ रही है. अचानक बिना बताए अस्पताल से चले जाने वाली स्टॉफ नर्स से विभाग के कर्मचारी भी संपर्क साधने की कोशिश किए लेकिन उसका मोबाईल बंद बता रहा है. इसकी जानकारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के द्वारा बीएमओ को भी लिखित में दी गई है.
अस्पताल से लगातार नदारद रहने वाली स्टॉफ नर्स मोनिका बरिहा विगत 10 दिसम्बर 2018 से अनुपस्थित है. पाटसेंद्री के इस प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 13 गांव के लोग अपने उपचार करवाने के लिए पहुंचते हैं. इस क्षेत्र से सरायपाली की दूरी अधिक होने के कारण अक्सर मौसमी बीमारियों, प्रसव एवं अन्य छोटी मोटी बीमारियों के लिए यहां के स्वास्थ्य केंद्र में ईलाज के लिए पहुंचते हैं. वर्तमान में यहां एक एएमओ, एक एएनएम, डेÑसर, वार्ड आया, एक डाटा एंट्री आॅपरेटर तथा एक दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी पदस्थ हैं. यहां पर पदस्थ चपरासी धरमलाल यादव एवं स्वीपर संतोष साहू की ड्यूटी स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लगाई गई है. पदस्थ कर्मचारियों के मुताबिक 10 दिसम्बर के पूर्व स्टाफ नर्स मोनिका बरिहा किसी परीक्षा देने के बारे में बताई थी. सूत्रों से यह भी जानकारी मिली है, जिस दिन वह ड्यूटी में गई थी, उस दौरान एक डिलवरी केस भी आया था, लेकिन व नदारद रही. इसके बाद से ही बिना मौखिक एवं लिखित सूचना दिए लगातार अनुपस्थित है.
ये पद हैं रिक्त
यहां पर एक लैब टेक्निशियन, एक स्टॉफ नर्स, चपरासी, स्वीपर का पद भी रिक्त है, जिसकी नियुक्ति नहीं हो रही है. स्टॉफ की कमी की वजह से स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ रहा है. इस संबंध में एएमओ डॉ रिंकु बारिक से पूछे जाने पर बताया कि बिना बताए विगत 10 दिसम्बर से नदारद रहने वाली स्टॉफ नर्स मोनिका बरिहा की जानकारी लिखित में बीएमओ की दी गई है. अभी तक कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है और एएनएम उसके कार्य को देख रही है.
बीएमओ डॉ अमृत से पूछे जाने पर बताया कि अनाधिकृत रूप से स्टॉफ नर्स अनुपस्थित है. स्टॉफ की कमी की वजह से कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है.



























