
10 दिन रहा शहर में मेले जैसा माहौल
काकाखबरीलाल,सरायपाली । विगत 10 दिनों से चल रहे धनुजात्रा का समापन बीती रात कृष्ण द्वारा कंस वध के साथ हुआ. कंस वध देखने के लिए रात के 12 बजे तक दर्शकों का हुजूम कार्यक्रम स्थल पर डटा रहा. भगवान श्री कृष्ण ने कंस के साथ युद्ध करते हुए जैसे ही उसका वध किया तो वहां मौजूद हजारों दर्शकों की ओर से भी भगवान श्री कृष्ण के जयकारों से पूरा मैदान गूंज उठा. इस वर्ष विगत वर्ष की तुलना में शेष दिनों में कम भीड़ दिखी लेकिन समापन अवसर पर पूरा मैदान भक्तगणों से खचाखच भरा रहा. शहर के सभी मार्गों में सड़क के किनारे का भाग किसी पार्किंग की तरह नजर आ रहा था. जिसे देखकर ही कार्यक्रम की भीड़ का अंदाजा लगाया जा सकता था.

ओड़िशा का प्रसिद्ध धनुजात्रा विगत 2017 से सरायपाली में अमृत पटेल एवं उनकी पत्नी श्रीमती सीता पटेल के प्रयास से आयोजित किया जा रहा है. इस वर्ष नए वर्ष के प्रारंभ में ही 6 जनवरी से 15 जनवरी तक कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसमें बस्ती सरायपाली को गोपपुर एवं नगर के हाई स्कूल मैदान मथुरा का रूप दिया गया था. लगातार चले 10 दिन के कार्यक्रम के समापन पर अपरान्ह 4 बजे से ही भगवान कृष्ण का नगर भ्रमण हुआ जिनका जगह-जगह स्वागत किया गया. कंस वध देखने के लिए शाम से ही मथुरा(हाई स्कूल मैदान) में लोगों की आवाजाही शुरू हो गई थी, जो रात तक हजारों की भीड़ में तब्दील हो गई. कृष्ण लीला के साथ-साथ लोग वहां के मीना बाजार का भी आनंद लेते रहे. अंत में रात के लगभग साढेÞ 11 बजे भगवान कृष्ण द्वारा कंस वध के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ. समस्त कार्यक्रम के दौरान श्रीमती सीता अमृत पटेल, सुशील जैन, सेवाराम अग्रवाल, विश्वजीत गुप्ता, विपिन उबोवेजा, सुभाष प्रधान, इसराईल खान, केशरीनंदन सेन, शैलेंद्र ठाकुर, पप्पू सतपथी, रामनारायण आदित्य, विकास सिंह, प्रकाश मिश्रा, प्रसन्न प्रधान, खेमराज पटेल, गंगाराम पटेल, राजू भवानी, संजय सांवड़िया, बिहारी अग्रवाल, चंद्रकुमार पटेल, नरेंद्र यादव, महेन्द्र बाघ, नरेंद्र साहू, गोपाल अग्रवाल, अशोक अग्रवाल धनुजात्रा आयोजन समिति का विशेष योगदान रहा.

10 दिनों तक चले इस विशाल कार्यक्रम में प्रशासन के साथ नगर पालिका, पुलिस प्रशासन को भी अच्छी खासी मेहनत करनी पड़ी. प्रतिदिन बस्ती सरायपाली गोपपुर से लेकर मथुरा नगरी हाईस्कूल मैदान तक शाम होते ही जन सैलाब उमड़ पड़ता था. जिसे नियंत्रित करने के लिए पुलिस प्रशासन को विशेष व्यवस्था करनी पड़ती थी. कार्यक्रम को सफल बनाने एवं व्यवस्थाओं के लिए प्रत्यक एवं अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले नगरवासियों का आयोजन समिति की ओर से सभी का आभार प्रकट किया गया.




























