बारिश से पुल निर्माण कार्य हुआ बाधित, ग्रामीणों को नहीं मिल पायेगा लाभ

सरायपाली. ग्राम चट्टीगिरोला से केना पहुंच मार्ग के बीच पड़ने वाले नाला में पुल निर्माण प्रारंभ तो कर दिया गया , लेकिन निर्माण कार्य पूर्ण न होने से आवागमन अब भी बाधित है. नाला पार करने के लिए पूर्व की अपेक्षा अभी किए गए वैकल्पिक व्यवस्था भी लोगों के लिए खतरनाक साबित हो रहा है. मुरूम गिट्टी तो पर्याप्त मात्रा में वहाँ डाला गया है, लेकिन वर्षा ऋतु प्रारंभ होते ही कार्य को बंद कर दिया गया है. पुल निर्माण कार्य बंद हो जाने पर पुनरू उस मार्ग से गुजरने वाले विद्यार्थियों व ग्रामीणों को निर्माण कार्य पूर्ण होने की चिंता सताने लगी है.
ग्राम केना से चट्टीगिरोला के बीच पड़ने वाले नाला में पुल के अभाव में प्रतिवर्ष बरसात के समय कई दिनों तक मार्ग अवरूद्ध हो जाता है, जिसके कारण ग्रामीणों एवं स्कूली बच्चों को उस 2 किमी का सफर तय करने के लिए लगभग 9 किमी घूमकर दूसरे मार्ग से जाना पड़ता है. वर्तमान में पुल निर्माण कार्य शुरू होने के बावजूद पूर्ण न होने से इस वर्ष भी बरसात के समय में ग्रामीणों एवं स्कूली बच्चों को पुनरू उसी परेशानी का सामना करना पडे“गा. बरसात के दिनों में नाले में अधिक पानी जाने से स्कूली बच्चे एवं ग्रामीण सरायपाली से होते हुए केना स्कूल पहुंचते हैं. कई बार स्कूली बच्चे अधिक दूरी तय करने से बचने के लिए स्कूल ही नहीं जाते. बरसात के दिनों में बच्चे नाले की वजह से काफी दिनों तक अनुपस्थित रहते हैं या नाले में पानी का बहाव रहने पर भी जान जोखिम में डालकर लोग आना-जाना करते हैं. हालांकि केना के लोगों को राष्ट्रीय राजमार्ग तक पहुंचने के लिए पदमपुर रोड होते हुए तथा भोथलडीह होते हुए भी रास्ता है परंतु उसकी दूरी अधिक है. इसलिए बरसात के दिनों को छोड़कर अधिकतर लोग चट्टीगिरोला मार्ग का ही उपयोग करते हैं. इसे देखते हुए विगत कई वर्षों से ग्रामीण उस नहर में पुल निर्माण करने की मांग कर रहे थे. बीते बजट में पुल निर्माण की स्वीकृति मिलने से ग्रामीणों में प्रसन्नता देखी जा रही थी. लेकिन पुल निर्माण की स्वीकृति मिलने के 8 माह बाद भी निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हुआ था, जिसके समाचार का प्रकाशन 11 फरवरी 2019 को नवभारत में प्रमुखता से किया गया था. समाचार प्रकाशन के बाद उच्चाधिकारियों की नींद खुली और पुल निर्माण कार्य प्रारंभ हुआ, लेकिन बरसात के पूर्व निर्माण कार्य पूर्ण करने में वे असफल रहे. इससे लोगों की समस्यायें इस बरसात में भी जस-की-तस रहेंगी.
नाले में तेज धार आने पर आवाजाही हो जाएगी बंद
नाला पार करने के लिए ठेकेदार द्वारा वैकल्पिक व्यवस्था के तहत सीमेंट का बड़ा पाईप एवं मट्टी, मुरूम इत्यादि डाला गया है. लेकिन नाला में आने वाले पानी के तेज धार से मिट्टी कटकर बह गई है, जिससे चारपहिया वाहनों की आवाजाही भी बंद हो गई है. केवल दोपहिया वाहन ही किसी तरह पार कर रहे हैं. नौसीखिए वाहन चालकों के लिए अभी भी इस पुल को पार करना टेढ़ी खीर साबित हो रहा है. आने वाले दिनों में जब अधिक बरसात होगी तो इस मार्ग के पूरी तरह बंद हो जाने का अंदेशा भी ग्रामीणों द्वारा लगाया जा रहा है.
चट्टीगिरोला से केना हायर सेकेण्डरी स्कूल पढ़ने के लिए आने वाले विद्यार्थी काजल दास, मोनिका कुमार, सस्मिता दास, पुष्पांजलि वैष्णव, यशवंती सेठ, छत्रपति बढ़ई, अक्षय बुडे“क,चंदन वैष्णव, रूद्र प्रताप भोई, टिकाराम बुडे“क आदि ने बताया पुल निर्माण को अधूरा छोड़कर किए गए वैकल्पिक व्यवस्था से आने-जाने में समस्या हो रही है. पुल निर्माण पूर्ण हो जाने से पढ़ाई प्रभावित नहीं होगा.
बारिश के बाद शुरू हो जाएगा कार्य-एसडीओ
इस संबंध में अनुविभागीय अधिकारी लोकनिर्माण विभाग बी प्रधान से पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि केवल प्लेट ढलाई का कार्य ही बाकी है. स्लैब मोटा रहता है, इसलिए बारिश शुरू होने के कारण निर्माण कार्य को बंद कर दिया गया है. बरसात की समाप्ति के बाद कार्य पूर्ण हो जाएगा और पुल में आवाजाही शुरू हो जाएगी.






























