14 स्थानीय भाषाओं में कहानी निर्माण कार्यशाला में शामिल हुए विकासखंड सरायपाली के 3 शिक्षक

सत्र 2023-24 G-20 राष्ट्रों की अध्यक्षता भारत सरकार द्वारा की जा रही है और भारत सरकार के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा पूरे देश में स्कूली शिक्षा की दिशा और दशा को मजबूत करने के लिए पुरजोर प्रयास किए जा रहे हैं।सभी उच्च स्तरीय बैठकों में शिक्षा को केंद्रीय कार्य योजना के रूप में संपादित करने का प्रयास हो रहा है।बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मकता(एफ एल एन) के उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग के साथG-20 के तहत अनेक कार्यक्रमों के साथ छात्रों, शिक्षकों ,माता-पिता और पलकों सहित विभिन्न समुदाय, शिक्षा से जुड़े विभिन्न संगठनों के साथ जागरूकता पैदा करने के लिए केंद्र सरकार राज्य के साथ मिलकर 1 से 15 जून तक जनभागीदारी कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसके अंतर्गत 8 से 10 जून तक चलने वाली राज्य स्तरीय कार्यशाला में राज्य की 14 स्थानीय भाषाओं में काम करने 28 शिक्षकों द्वारा कहानी निर्माण का कार्य किया गया। इन 3 दिनों में राज्य के गांवों में पढ़ने वाले बच्चों हेतु छत्तीसगढ़ की धरोहर ,संस्कृति, परंपरा से संबंधित बाल चित्र कहानियों को 14 स्थानीय भाषाओं में अनुवाद किया गया। पूर्व निर्मित 50 कहानियों का संशोधन एवं निष्पादन किया। इस कार्यशाला में जिला महासमुंद के वि.खं. सरायपाली से प्रधान पाठक दुर्वादल दीप शा.प्रा.शाला सिरशोभा,सहा.शिक्षक योगेश साहू शा.प्रा.शाला कसडोल संबलपुरी भाषा एवं सहा.शिक्षक रमेश ताण्डी शा.प्रा.शाला छुईपाली उड़िया भाषा के लिए शामिल हुए। रायपुर के होटल ग्रैंड राजपूताना में चल रहे इस कार्यशाला की अध्यक्षता समग्र शिक्षा से डॉ.एम सुधीश जी तथा संचालन ताराचंद जायसवाल जी ने किया।कार्यशाला के समाप्ति पर रूम टू रीड संस्था के राज्य प्रमुख प्रतीक बनर्जी जी द्वारा आभार प्रदर्शन किया गया ।संस्था के अन्य सदस्यों में प्रदीप, सीमा तथा रणधीर का सहयोग सराहनीय रहा।
























