महासमुंद : क्षेत्र में सड़क नहीं बनी तो ग्रामीण करेंगे विधानसभा चुनाव का बहिष्कार

जिले में एक गांव ऐसा भी है जहॉ आजादी के बाद से आज तक पक्की सड़क नहीं बनी। इस गांव के लोगों को जंगली रास्ते से होकर गुजरना पड़ता है। स्कूल, राशन दुकान सहित अन्य जरूरतों के लिए पगडंडियों से होकर गुजरने की मजबूरी ग्रामीणों के सामने है, जिसकी शिकायत लेकर गुरुवार को ग्रामीण बड़ी तादात में कलेक्टर के पास पहुंचे और अपनी समस्या बताई।इस सबंध में शिकायत लेकर पहुंचे महासमुंद क्षेत्र के ग्राम पंचायत चुहरी के आश्रित ग्राम बोरिद के ग्रामीणों ने बताया कि उन्हे ग्राम पंचायत तक पहुंचने के लिए लगभग 4 किलो मीटर का रास्ता तय करना पड़ता है। यह सफर वे पगडंडियों पर तय करते हैं। उन्होंने बताया कि आजादी के बाद से उनके गांव में आज तक पक्की सड़क नहीं बनी। पिछले 25-30 सालों से वे पक्की सड़क की मांग शासन प्रशासन से कर रहे हैं मगर सुनवाई नहीं हो रही है।

विधान सभा चुनाव के बहिस्कार की दी चेतावनी
बोरिद के ग्रामीण पिछले 25-30 सालों से पक्की सड़क की मांग शासन प्रशासन से करते आ रहे हैं। मगर उनकी सुनवाई नहीं हो रही है, कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में ग्रामीणों ने स्पष्ट उल्लेख किया है कि उनकी जायज मांगों को लगातार अनसुना किया जा रहा है अगर जल्द सड़क नहीं बनी तो वे विधान सभा चुनाव का बहिष्कार करेंगे।
राशन लेने जंगल के रास्ते करते हैं आना जाना
ग्रामीणों ने बताया कि उनके गांव बोरिद से राशन लेने जाने के लिए 4 किलो मीटर दूर जाना पड़ता है जो कि जंगल के बीच से गुजरता है। इतना ही नहीं बीमार मरीजों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को लाने ले जाने में भी भारी दिक्कत का सामना ग्रामीणों को करना पड़ता है। साथ ही उनका गांव हाथी प्रभातिव क्षेत्र भी है।
कलेक्टर ने दिया दिवाली के बाद सड़क बनाने आश्वासन
ग्रामीणों के प्रतिनिधि मंडल ने कलेक्टर निलेश क्षीरसागर से मिलकर ज्ञापन सौंपा और समस्या से अवगत कराया, जिसके बाद कलेक्टर ने बोरिद के ग्रामीणों को दीपावली के बाद उनके गांव तक पक्की सड़क बनवाने का आश्वासन दिया है। इसके बाद अपनी मांगों से अन्य विभाग के अधिकारियों को भी अवगत कराया।






















