सरायपाली : आर्थिक संकटों से जुझ रहे हैं ब्लॉक के आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका नहीं मिल रहा अतिरिक्त मानदेय

ब्लॉक के आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को विगत 2 माह से राज्य सरकार की ओर से मिलने वाले अतिरिक्त मानदेय नहीं मिलने का मामला सामने आया है। इससे उन्हें आर्थिक संकटों का सामना करना पड़ रहा है। एकाएक अतिरिक्त मानदेय जमा नहीं होने से कार्यकर्ता और सहायिका भी अचंभित हैं। कार्यकर्ताओं में शासन के प्रति नाराजगी भी देखी जा रही है। ब्लॉक में 321 आंगनबाड़ी व मिनी आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं।

इसमें लगभग 500 से अधिक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका व मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पदस्थ हैं। आंगनबाड़ी में पदस्थ सभी कर्मचारियों को विगत जुलाई माह से राज्य सरकार की ओर से मिलने वाले अतिरिक्त मानदेय नहीं मिलने की बात सामने आ रही है। कुछ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने बताया कि उन्हें राज्य व केंद्र सरकार की ओर से मानदेय प्राप्त होता है। वर्तमान में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को 6500 रुपए मानदेय राशि मिलती है। इसमें से 4500 केंद्र सरकार की ओर से और 2000 राज्य सरकार की ओर से प्रदान किया जाता है। इसी तरह आंगनबाड़ी सहायिकाओं को 3200 मानदेय प्राप्त होता है। इसमें 2200 केंद्र सरकार 1000 राज्य सरकार से मिलता है। केंद्र द्वारा प्रदान किए जाने वाला मानदेय राशि तो कार्यकर्ताओं के खाते में जमा हो गई है, लेकिन राज्य सरकार की ओर से मिलने वाले मानदेय की राशि विगत 2 माह से खाते में जमा नहीं हो रही है। इस संबंध में परियोजना अधिकारी जीआर नारंग ने पूछने पर बताया कि कि टेजरी से होने वाले भुगतान में बैन लगने व नवीन पोर्टल में समस्या आने के कारण राज्य सरकार से मिलने वाले अतिरिक्त मानदेय का भुगतान कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं का रुका हुआ है।
ज्ञात हो कि विगत 2017 से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को अतिरिक्त मानदेय दिया जाता है, लेकिन पहली बार ऐसा हुआ कि 1 साथ 2 माह का अतिरिक्त मानदेय जमा नहीं हुआ है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं में कई विधवा, परित्यागता और निर्धन वर्ग के लोग हैं। जिनका पूरा परिवार मानदेय की राशि से ही चलता है और कई गरीब परिवार तो गरीबी स्थिति के चलते बैंक से लोन भी ले रखे हैं। इसमें से मानदेय की कुछ राशि तो लोन में भी कट जाती है। ऐसी स्थिति में पूरा मानदेय राशि प्राप्त नहीं होने से उसे उन्हें परिवार चलाने में आर्थिक संकटों का सामना करना पड़ रहा है।



























