सरायपाली : बत्तख पालन करके सफेद ले रहे अच्छी आमदनी

सरायपाली। लोग पैसा कमाने के लिए और अपने जीवन निर्वाह के तरह-तरह के उपाय करते हैं।किसान वर्ग में कई ऐसे हैं, जो मछली पालन, मुर्गी पालन, बकरी पालन आदि करके अपना जीवन यापन करते हैं। परंतु ग्राम पंचायत कोटद्वारी के आश्रित ग्राम नवापारा में एक किसान ऐसे हैं जो बत्तख पालन कर अपना गुजर बसर करते हुए अच्छी कमाई कर रहे हैं।
ग्राम कोटद्वारी के सफेद महापात्र पिता राधाचरण महापात्र ने चर्चा में बताया कि उन्होंने विगत 3 वर्ष पहले बत्तख पालन की शुरूवात की थी। उनको कमाई का यह जरिया अच्छा लगा तो वे उन्होंने बत्तख पालन को जारी रखा।
उन्होंने आगे बताया कि पानी की व्यवस्था होने से बत्तखों की प्रजनन क्षमता बढ़ जाती है। वहीं बत्तख के खान-पान पर मुर्गियों की तुलना में कम खर्च करना पड़ता है। उन्नत नस्ल के बत्तख मुर्गी की अपेक्षा एक साल में अधिक अंडे देते हैं। बत्तख के अंडे देने की अवधि भी ज्यादा होती है। मुर्गियों की अपेक्षा बत्तखों में बीमारियां भी कम होती हैं। पानी और जमीन दोनों जगहों पर बत्तख पालन संभव है, जहां साल भर पानी की उचित व्यवस्था हो। इसके लिए 25 से 35 डिग्री सेल्सियस का तापमान अनुकूल होता है। उनके पास लगभग 50 से 60 बत्तख हैं। बत्तख के चारे के लिए कोढ़ा, गीला चावल को चारा बनाकर बत्तखों को खिलाया जाता है। बत्तख दिन में 4 बार चारा खाते हैं, जिसमें उनको लगभग 100 से 150 रूपए खर्चा होता है। किसान ने आगे बताया कि वे इसके पालन की शुरूवात में लगभग 10 बत्तख रखे थे, जो बढ़कर 50 से 60 हो गया है, जबकि सैकड़ों बत्तखों को उन्होंने बेचकर आमदनी कर चुके हैं।
उनके द्वारा बत्तख पालन करने के लिए एक तालाबनुमा आकार का डबरी बनाया गया है, जिसमें बत्तख तैर सकें और प्रजनन हो सके। तालाब का पानी सूखने पर पास के नाले से पाईप लगाकर उस तालाब को भरा जाता है, ताकि बत्तखों के लिए कोई समस्या न हो। एक बत्तख 6 महीने में लगभग 2 से 3 किलो का हो जाता है और बिक्री के लिए तैयार हो जाता है। इन दिनों बत्तख प्रति किलो 400 रूपए में बिक रहा है। इस प्रकार मुनाफा होते देख कर उन्होंने इसके पालन को जारी रखा ।
उन्होंने इस बत्तख पालन के लिए शासन से कुछ सहायता की भी मांग की है, ताकि वे पालन को आगे बढ़ा सके और अन्य लोग भी इससे प्रेरित होकर बत्तख पालन को अपनाएं। उन्होंने कहा कि उनके इस पालन को पंचायत स्तर पर भी कुछ ध्यान नहीं दिया जा रहा है।





























