अभ्यर्थियों को बड़ी राहत, अपने खर्च पर निजी मेडिकल कॉलेजों में पढ़ाएगी सरकार

रायपुर(काकाखबरीलाल)। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नीट क्वालीफाई करने के बाद भी दाखिले से वंचित रह गए परीक्षार्थियों को बड़ी राहत दी है। नेटवर्क और अन्य तकनीकी कारणों से नीट क्वालीफाई करने के बाद जो होनहार छात्र-छात्राएं काउंसिलिंग के लिए निर्धारित समय पर अपना पंजीयन नहीं करा सके थे, उन्हें अब प्रदेश के निजी कॉलेजों में पेमेंट सीट पर प्रवेश दिलाने के निर्देश दिए हैं। इन बच्चों का भविष्य अब सरकार संवारेगी।
छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के बाद यह पहली बार है कि एमबीबीएस के लिए निजी कॉलेजों के पेमेंट सीट में बच्चों को राज्य सरकार के खर्च पर दाखिला दिलाया जाएगा।
राज्यपाल व अजजा आयोग ने भी मामले को संज्ञान में लेकर संबंधितों को पत्र लिखा। इसके बाद मुख्यमंत्री ने पहल करते हुए वंचित रह गए बच्चों को सरकारी खर्च से पेमेंट सीटों पर दाखिला दिलाने का निर्देश जारी किया। इससे वंचित बच्चों व उनके 5 पालकों में खुशी की लहर व्याप्त है।
किसी बच्चे के भविष्य के साथ समझौता नहीं
मुख्यमंत्री बघेल ने कहा है कि किसी भी बच्चे के भविष्य के साथ कोई समझौता नहीं होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के दूरस्थ आदिवासी अंचलों के ऐसे सभी होनहार बच्चों के एमबीबीएस में दाखिला के लिए जिला प्रशासन को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद कलेक्टर दंतेवाड़ा ने इन छात्राओं का प्रदेश के निजी कॉलेजों में दाखिला की कार्रवाई की जा रही है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आगे भी यदि इनमें से कोई छात्र कटऑफ के बाद प्रवेश के लिए पात्र पाया जाता है तो उन्हें भी निजी कॉलेजों की पेमेंट सीट पर दाखिला दिलाया जाएगा और इसका खर्च राज्य सरकार वहन करेगी।
नेटवर्क के चलते 27 अभ्यर्थी नहीं करा सके पंजीयन
बता दें कि यतेवाड़ा जिले के 27 छात्र-छात्राओं ने नीट क्वालीफाई किया है, परन्तु नेटवर्क समस्या के चलते प्रथम काउंसिलिंग में उनका रजिस्ट्रेशन नहीं हो सका था। इस सम्बंध में जिला प्रशासन ने अपने स्तर पर पंजीयन कराने का प्रयास किया और राष्ट्रीय स्तर पर द्वितीय काउंसिलिंग पूर्व इनका रजिस्ट्रेशन कराया गया। फिर भी ये छात्र चयन से वंचित रह गए। राज्य में पंजीयन हेतु द्वितीय अवसर नहीं होने से उनका पंजीयन नहीं कराया जा सका। प्रथम काउंसलिंग के याद इसमें दो छात्राओं पदमा मडे और पीयूषा बेक एमबीबीएस में प्रवेश की पात्रता रखती हैं।





























