जान बचाकर हिरण गांव में आया तो ग्रामीणों ने मारकर खा लिया, वन विभाग ने की कार्रवाई

गरियाबंद(काकाखबरीलाल)। मामला वन परिक्षेत्र बांदा के अंतर्गत गायडबरी वृत्त के ग्राम गाय डबरी का है। बीते शनिवार को कुत्तों से भयभीत होकर एक हिरन जंगल से निकालकर गाय डबरी गांव की ओर जान बचाने भागा जिसे ग्रामीणों ने दौड़ाया तो हिरण जान बचाने के लिए तालाब में छलांग लगा दी। इसका फायदा उठाते हुए गांव के कुछ लोगों ने हिरण को पकड़ लिया और मारकर उसका मांस पका कर खा गए।
किसी तरह इसकी जानकारी वन विभाग की मिल गई। वहीं वन मंडल अधिकारी मयंक अग्रवाल के मार्गदर्शन में आरोपियों को पकड़ने के लिए वन परिक्षेत्र अधिकारी को निर्देश किया जिस पर परिक्षेत्र अधिकारी संजीव मरकाम ने टीम गठित कर आरोपियों को पकड़ने में कामयाबी पाई है। एक आरोपी ग्राम के ही भवानी कवर पिता बारातू कवर पकड़ कर बयान लिया जा रहा है। हिरण के शिकार में लगभग 13 -14 लोग शामिल होने की बात सामने आ रही है।
वहीं इस बारे में वन परिक्षेत्र अधिकारी पांडुका संजीव मरकाम ने बताया कि घटना कल की है। हमें जैसा ही इसकी जानकारी मली हमने उच्च अधिकारी को अवगत कराकर कार्रवाई चालू कर दी है। अभी बहुत सारे नाम आने हैं। सब का बयान दर्ज किया जाएगा और कार्रवाई की जाएगी। पकड़े गए आरोपी भवानी के द्वारा हिरण की चमड़ी मौका स्थल से बरामद किया गया है। साथ ही मुखबिर की सूचना पर हिरण का पका हुआ मांस भी बरामद कर लिया गया है। ग्रामीणों से पता चला कि हिरण को कुत्ते दौड़ाकर गांव की त्रिफला थे और जान बचाने हिरण तालाब में कूद गया था। जिसका इन लोगों ने फायदा उठाकर उसेमार कर उसका मांस पकाकर खा गए। चमड़ी वेदराज के घर के पीछे वाले साइड से बरामद किया गया है।
सूत्रों से पता चला है कि ग्राम गाडरी के अधिकतर घरों में हिरण का मांस पकाया और खाया गया है। साथ ही इसमें कुछ शिक्षक के भी शामिल होने की बात सामने आ रही है। अधिकारी की मानें तो अभी जांच जारी है। वह इस कार्रवाई में वन परिक्षेत्र अधिकारी संजीव मरकाम पांडुका डिप्टी रेंजर संखाराम नवरंगे, बीट गार्ड धर्मेद्र निराला, रामकुमार साहू, लोकेश श्रीवास, राहुल श्रीवास, फिरोज खान, अजय चेलक, नीरू ध्रुव, सुरेंद्र सिंह सहित चौकीदार शामिल रहे।






























