पिथौरा

श्रद्धा सुमन कार्यक्रम सम्पन्न: अंचल के देवेन्द्र साव ने नेत्रदान कर मानवता का दिया संदेश

– डिग्रीलाल जगत

पिथौरा (काकाखबरीलाल)। राष्ट्रीय नेत्रदान महादान पखवाड़े के समापन दिवस के अवसर पर स्वयंसेवी सामाजिक संस्था दिव्यांग मित्र मंडल पिथौरा ने अंचल के प्रतिष्ठित जन सेवक एवं समाजसेवी स्व जीवन लाल साव के गृहग्राम विराजपाली में पहुंचकर श्रद्धा सुमन कार्यक्रम आयोजित किया ।
श्रद्धा सुमन कार्यक्रम के बारे में योजना एवं प्रबंधन प्रभारी हेमन्त खुटे ने जानकारी देते हुए बताया कि इस आयोजन का मकसद अंधत्व निवारण के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले नेत्र दाताओं के प्रति हृदय से कृतज्ञता ज्ञापित करना है।
नेत्रदाताओं के के वारिसानों एवं परिजनों से रूबरू मुलाकात कर कुशल क्षेम पूछना ,उनके महान कार्यों को स्मरण करना, घर -परिवार, समाज में नेत्रदान के लिए जागरूकता फैलाना है ताकि गांव के अन्य लोगों को इस नेक काम से नई प्रेरणा मिल सके।
यह विशेष कार्यक्रम नेत्रदाता देवेंद्र साव अधिवक्ता के जीवन प्रसंग पर आधारित रहा ।
श्रद्धा सुमन कार्यक्रम के दौरान परिवार के वरिष्ठ सदस्य प्रेम कुमार साव ने कहा कि ग्रामीण अंचल में पढ़े- लिखे होने के कारण बड़े भइया को गांव से अत्यधिक लगाव था । बुनियादी शैक्षणिक सुविधाओं के अभाव के बावजूद उच्च शिक्षा प्राप्त कर गांव का नाम रोशन किया। प्रारंभिक दिनों में अविभाजित रायपुर जिला के अंतर्गत पिथौरा के उप तहसील से वकालत की शुरुआत करते महासमुन्द चले गए।
मध्यप्रदेश राज्य परिवहन निगम में विधिक सलाहकार और छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के बाद महिला आयोग में अपनी सेवा जारी रखते हुए प्रशिक्षण संस्थान निमोरा में संविदा पद पर नियुक्त होकर प्रशासनिक दायित्वों का निर्वहन किया है। प्रारंभ से ही नम्र स्वभाव होने के कारण सामाजिक कार्यों में उनकी रुचि बढ़ती गई ।वह मेरे लिए राम थे और उनके लिए मैं लक्ष्मण ।
नेत्रदान का संकल्प उन्होंने स्वयं लिया था इसलिए रायपुर में नेत्रदान कराकर उनका अंतिम संस्कार गांव में किया गया। हमारे परिवार से भैया ने जो नेत्रदान परंपरा की शुरुआत की है उसी से प्रेरणा लेकर अन्य सदस्यगण भी इस महती कार्य में अपनी भूमिका सुनिश्चित करेंगे । पूर्व जनपद सदस्य श्रीमती कुमारी बाई कहा कि वे हम सबके लिए प्रेरणास्रोत थे। पारिवारिक विरासत के रूप में जो संस्कार एवं सीख मिली उसे जीवन भर निभाया है ।पीड़ित मानवता की खातिर नेत्रदान करना उनका एक अहम फैसला था । उनके नेत्रदान करने से अब ग्रामीण अंचल में व्याप्त भ्रांतियां जरूर मिटेगी ।लोग नेत्रदान के लिए प्रेरित होंगे। दिव्यांग मित्र मंडल के संयोजक बीजू पटनायक ने कहा कि जो व्यक्ति दूसरे के जीवन के बारे में सोचता है वह व्यक्ति का मरकर भी अमर हो जाता है। पीड़ित लोगों की सहायता करना साव परिवार के लोगों के लिए सबसे बड़ा कार्य और धर्म है । इस परिवार के सदस्य चिकित्सकीय सेवा से जुड़ कर निरंतर सेवा कार्य कर रहें है जो अंचल के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
शिक्षाविद हेमन्त खुटे ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य के प्रमुख शख्शियतों में जीवनलाल साव का नाम अग्रणी था। उनके निरंतर सक्रियता के कारण साहू समाज में बदलाव आया है । सामाजिक कुरीतियों को दूर करने में सामूहिक आदर्श विवाह साव परिवार की देन है। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य के समस्त नेत्रदाता और उनके परिवार स्वयंसेवी संस्था एवं विशेष सहयोगी के प्रति आभार व्यक्त किया है। बहरहाल एक शख्स जो अब इस दुनिया में नहीं है वही वही व्यक्ति सबके लिए प्रेरणास्रोत बना हुआ है।

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