
नंदकिशोर अग्रवाल,काकाख़बरीलाल@पिथौरानगर. स्थानीय मंदिर चौक में नौ दिवसीय श्रीमद देवी भागवत ज्ञान यज्ञ कथा के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है । अपने चिर परिचित अंदाज में व्यास पीठ से सुप्रसिद्ध कथा वाचक श्री अभिनव शुक्ला जो की नगर में दददू के नाम से भी जाने जाते हैं के श्रीमुख से संगीत मय कथा में भक्ति गीतों में झूम रहे हैं । श्रीमद देवी भागवत ज्ञान यज्ञ कथा का वाचन करते व्यास पीठ से कथा वाचक प. अभिनव शुक्ला ने देवी भगवती के प्राकट्य रूप का वर्णन करते कहा कि माँ जगदम्बे जड़ चेतन , जीव सब के कल्याण और दुखों को दूर करने के लिये धरती पर अवतरित हुये । सृष्टि के जन्म का श्रेय माँ को जाता है । जिसकी कथा श्रवण करने मात्र से दुख दूर हो जाता है । आगे उन्होंने श्रीमद देवी भागवत को पंचम वेद कहते हुये उनके महत्त्व का विस्तार किया । कथा वाचक ने कहा कि जो भक्त श्रीमद देवी भागवत कथा का आयोजन करता है , श्रवण करता है साथ ही जो श्रवण करने श्रद्धालुओं को प्रेरित कर कथा श्रवण स्थल तक ले जाता है उसका का भी श्रद्धालु को पुण्य फल प्राप्त होता है । कथा का वाचन करते व्यास पीठ से जो भी कथा कहता है उसे स्वयं विष्णु का अवतार माना जाता है । इस लिये श्रद्धालुओं को किसी भी धार्मिक आयोजन में कथा वाचक की कथा को सुनना चाहिये इसका पुण्य लाभ मिलता है । कथा आगामी 7 अप्रैल तक जारी रहेगी कथा का श्रवण समय दोपहर बाद 3 बजे से संध्या 7 बजे निर्धारित है । कथा अनुसार 1 अप्रैल कृष्ण जन्म उत्सव , 2 अप्रैल महिषासुर वध , 3 अप्रैल व्यास जी की आत्म कथा , 4 अप्रैल देवी दुर्गा का अवतार , 5 तुलसी उत्पत्ति की कथा 6 भष्म की विशेषता , 7 अप्रैल देवी भागवत पुराण की महिमा का प्रसंग वर्णन होगा ।आयोजन समिति ने श्रद्धालुओं को कथा श्रवण की अपील की है । आयोजन में प. पुरेन्द्र पाण्डेय परायण कर्ता , प. शशिभूषण त्रिवेदी , प.अक्षय शर्मा , प.मयंक दुबे , प. राकेश ,प. प्रदुमन्न शर्मा , प. संजय कृष्ण प. सुखनंदन तिवारी , प.गिरजा शंकर , प. प्रबल शुक्ला ,प. मोहन पाण्डेय भी मंत्रोउच्चार कर रहे हैं ।”बता दें कि बालकपन से ही पंडित अभिनव शुक्ला काभक्ति मार्ग की और रुझान हो गया था। ये पंडित ऋषिकेश शुक्ला के पुत्र और सुंदर महाराज के पौत्र हैं। और आज वे दूर दराज क्षेत्र में कथा कहने ही नहीँ वरन भगवद कथा हेतु भी अंचल में प्रसिद्धि पा चुके हैं।अपने सहृदय और व्यवहार से दिल जीतने वाले अभिमव शुक्ला(दददू महाराज) ने भी आपने आयोजन में अधिक से अधिक संख्या में पहुँच कर पुण्य अर्जित करने की अपील की है।




























