बाल-कलाकारों की श्रद्धा और सांस्कृतिक चेतना से जीवंत हुई महाप्रभु जगन्नाथ की रथ यात्रा: रामदर्शन पब्लिक स्कूल में विशेष सभा का भव्य आयोजन

नंदकिशोर अग्रवाल , काकाखबरीलाल@ पिथौरा। सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण और नई पीढ़ी में आध्यात्मिक मूल्यों के बीजारोपण के उद्देश्य से, पिथौरा के जंघोरा में स्थित रामदर्शन पब्लिक स्कूल के प्रांगण में महाप्रभु जगन्नाथ की पावन रथ यात्रा के उपलक्ष्य में एक भव्य ‘विशेष सभा’ का आयोजन किया गया। इस आयोजन में विद्यालय के विद्यार्थियों ने अपनी उत्कृष्ट बाल-प्रतिभा, अनुशासित आचरण और सांस्कृतिक निष्ठा का परिचय देते हुए संपूर्ण परिवेश को भक्तिमय ऊर्जा से सराबोर कर दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ पूर्णतः पारंपरिक और आध्यात्मिक पद्धति से हुआ। इसके पश्चात, बाल-कलाकारों द्वारा महाप्रभु जगन्नाथ की महिमा और रथ यात्रा के ऐतिहासिक महत्व पर आधारित एक सारगर्भित नाट्य रूपांतरण प्रस्तुत किया गया। नाटक में सम्मिलित विद्यार्थियों के मर्मस्पर्शी अभिनय और संवाद-अदायगी ने उपस्थित जनसमूह को भाव-विभोर कर दिया। इसी क्रम में, विद्यालय के संगीत दल द्वारा सुमधुर भजनों की सामूहिक प्रस्तुति दी गई, जिससे वातावरण में एक अभूतपूर्व शांति और दिव्यता का संचार हुआ।
इस सांस्कृतिक उत्सव का मुख्य आकर्षण छात्राओं द्वारा प्रस्तुत किया गया लयबद्ध नृत्य रहा। श्वेत वस्त्रों पर रक्त-वर्ण (लाल) दुपट्टे धारण किए छात्राओं ने जब मंच पर अपनी शास्त्रीय मुद्राओं का प्रदर्शन किया, तो उनकी गहन साधना और कड़े अभ्यास की झलक स्पष्ट दिखाई दी। तत्पश्चात, विद्यालय प्रांगण में विशेष रूप से सुसज्जित किए गए रथ पर भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा जी के विग्रहों को प्रतिष्ठित किया गया। मंत्रोच्चार और शंखध्वनि के बीच, जब विद्यार्थियों ने पूर्ण श्रद्धा और निष्ठा के साथ सामूहिक रूप से रथ की रस्सियों को खींचना प्रारंभ किया, तो संपूर्ण प्रांगण ‘जय जगन्नाथ’ के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा।
समारोह के अंतिम चरण में, सभी विद्यार्थियों ने अत्यंत अनुशासित भाव से करबद्ध होकर वैश्विक कल्याण की प्रार्थना की। संस्था के प्रशासनिक प्रमुखों एवं शिक्षक वृन्द के कुशल पर्यवेक्षण में संपन्न हुई यह विशेष सभा नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने और उनमें सामूहिक सहभागिता की भावना को सुदृढ़ करने में पूर्णतः सफल रही। यह आयोजन विद्यार्थियों के भगीरथ पुरुषार्थ (कठिन परिश्रम) और उनकी रचनात्मक क्षमता के सुंदर समन्वय के रूप में संपन्न हुआ।
समारोह के अंतिम चरण में, सभी विद्यार्थियों ने अत्यंत अनुशासित भाव से करबद्ध होकर वैश्विक कल्याण की प्रार्थना की। इस भव्य आयोजन की पूर्ण सफलता के पीछे संस्था के प्राचार्य, उप-प्राचार्या के कुशल नेतृत्व व प्रशासनिक मार्गदर्शन तथा समस्त शिक्षक वृन्द का अथक परिश्रम, समर्पण और उत्कृष्ट मार्गदर्शन रहा, जिनके नीतिगत नियोजन से विद्यार्थियों का यह भगीरथ पुरुषार्थ अत्यंत गरिमामयी रूप में संपन्न हुआ।

































