
भंवरपुर/बसना: छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के बसना ब्लॉक अंतर्गत आने वाले भंवरपुर क्षेत्र में इन दिनों किसानों की मेहनत पर डाका डालने वाला एक बड़ा खेल सामने आया है। खेती-किसानी के सीजन में सक्रिय हुए जालसाजों ने अब नामी कंपनियों के नकली खरपतवार नाशक (Herbicides) बाजार में उतार दिए हैं। ताजा मामला ‘फेसेट’ (Facet) कंपनी की दवाई में देखने को मिला है, जहाँ एक ही कंपनी के नाम पर बिक रही दो बोतलों में भारी विसंगति पाई गई है।

असली और नकली का फर्क उजागर
भंवरपुर के स्थानीय बाजार से खरीदी गई ‘फेसेट’ कंपनी की बोतलों की जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। जागरूक किसान ने पाया कि:
- QR Code गायब: एक बोतल पर स्पष्ट QR कोड और यूनिक आईडी मौजूद है, जबकि दूसरी संदिग्ध बोतल से ये दोनों ही मानक गायब हैं।
- ऑनलाइन रिकॉर्ड शून्य: जब संदिग्ध बोतल के बैच नंबर को कंपनी की वेबसाइट पर ट्रैक किया गया, तो उसका कोई रिकॉर्ड नहीं मिला।
- पैकेजिंग संदेह: बोतल के लेबल की छपाई और फिनिशिंग में भी बड़ा अंतर साफ दिखाई दे रहा है।
उक्त संबंध में पीड़ित किसान ने काकाखबरीलाल से बात करते हुए बताया कि इस मामले में सम्बंधित विभाग और भंवरपुर के संबंधित कृषि सेवा केंद्र के खिलाफ शिकायत की जाएगी ।
किसानों की फसल और पैसा दांव पर
नकली दवाइयों के इस्तेमाल से न केवल किसानों का पैसा बर्बाद हो रहा है, बल्कि इससे खरपतवार खत्म होने के बजाय मुख्य फसल के ही जलने या खराब होने का खतरा बढ़ गया है। क्षेत्र के किसानों ने प्रशासन और कृषि विभाग से मांग की है कि भंवरपुर की खाद-बीज दुकानों की तुरंत जांच की जाए।
























