भाजपाई मानसिकता से उबर नही पा रहे बीआरसी… प्रभारी मंत्री द्वारा मनोनीत शाला विकास समिति के अध्यक्षो को मीटिंग में बुलाना उचित नही समझा.

-डिग्रीलाल जगत
खरसिया(काकाखबरीलाल)। खरसिया शिक्षा विभाग में अटैचमेंट का खेल खेल रहे बीआरसी।
खरसिया विकास खंड शिक्षा अधिकारी एके भारद्वाज के छुट्टी में जाते ही सहायक विकास खंड शिक्षा अधिकारी दीप्ति गुप्ता को प्रभार में दिया गया। इसी बीच आवश्यक कार्य हेतु सहायक खंड शिक्षा अधिकारी दीप्ति गुप्ता भी छुट्टी पर चली गई। दीप्ति गुप्ता के किसी कार्य से बाहर जाने के कारण भाजपाइयों की चाटूकारिता कर उनके रहमो करम पर खरसिया के बीआरसी बन कर बैठे राधेश्याम शर्मा ने प्रभारी खंड शिक्षा अधिकारी का चार्ज लेते ही अपना कारनामा दिखाना शुरू कर दिया।
- खरसिया शिक्षा विभाग में अटैचमेंट का खेल अपने ही नियम की उड़ाई धज्जियां
राधेश्याम शर्मा प्रभारी बी ई ओ को अटैच किए जाने का अधिकार नहीं है फिर भी एक स्कूल के शिक्षक को दूसरे स्कूल में अटैच करना विभाग के नियमों के विपरीत होने के उपरांत किया गया सबसे बड़ी और चौंकाने वाले तथ्य 20 अगस्त को दीप्ति गुप्ता ने प्रभारी बी ई ओ प्रभार ले ली। और राधेश्याम शर्मा प्रभारी बी ई ओ खरसिया के नाम एक दो नहीं 4 शिक्षकों का अटैचमेंट आदेश फर्जी तौर पर किया।यही नही इन्होंने प्रभारी खंड शिक्षा अधिकारी की हैसियत से विगत दिनों लाल बहादुर शास्त्री उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में उन्होंने सभी संकुल प्रभारियों सहित नगर पालिका अध्यक्ष अनेक भाजपा पार्षदों की एक मीटिंग लेकर नगर में स्थित विभिन्न स्कूल के जीर्णोद्धार हेतु सभी संकुल प्रभारियों से चर्चा की यहां यह बताना लाजिम होगा की भाजपाई मानसिकता वाले उक्त प्रभारी अधिकारी द्वारा कुछ दिन पूर्व स्थानीय विधायक केबिनेट मंत्री उमेश पटेल की अनुशंसा पर शाला विकास समिति में शामिल विभिन्न स्कूलों के विधायक प्रतिनिधियों को बुलाना उचित नहीं समझा
- क्या कहते है शाला विकास समिति के पदाधिकारी
मीटिंग हुई है यह जानकारी आप लोगों के द्वारा मिली है प्रभारी अधिकारी द्वारा किसी भी प्रकार की सूचना हमको नहीं दिया गया।
-मनोनीत प्रतिनिधि जमील कुरैशी

























